ग्राम विकास अधिकारी से होगी 12.60 लाख की वसूली
सिद्धार्थनगर। इटवा ब्लॉक में तैनात ग्राम विकास अधिकारी रमाशंकर पर विकास खंड जोगिया के भपसी, सिरसिया मिश्र, बैदौली में तैनाती के दौरान विभिन्न आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए हैं। जिला विकास अधिकारी शेषमणि सिंह ने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की गई है। उन्होंने 12.60 लाख रुपये की वसूली करने का आदेश दिया है।
ग्राम विकास अधिकारी के ऊपर लगे आरोप में कार्य क्षेत्र से बिना किसी अवकाश प्रार्थनापत्र के अनुपस्थित रहने, राज्य एवं चौदहवे वित्त आयोग अंतर्गत बिना किसी सक्षम अधिकारी के प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति के आहरण करने जैसे बिंदु शामिल हैं। उन पर चेक के माध्यम से धनराशि फर्म के बजाए स्वयं के खाते में आहरित करने, ग्राम प्रधान के नाम से समय-समय पर 10 हजार, 20 हजार, 30 हजार व 50 हजार रुपये आहिरत करने, स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालयों के निर्माण में घोर अनियमितता जैसे गंभीर आरोप लगे हैं।
ब्लॉक में 210 शौचालयों का निर्माण कराए बिना ही 25.20 लाख रुपये निकालने समेत कई आरोपों की पुष्टि होने पर ग्राम विकास अधिकारी रमाशंकर को मूल वेतन पर वापसी के साथ ही आहरित धनराशि का 50 प्रतिशत रिकवरी के आदेश डीडीओ ने दिए हैं।
तीन बिंदुओं पर कार्रवाई
ग्राम विकास अधिकारी रमाशंकर पर लगे आरोपों की जांच उपायुक्त स्वत: रोजगार को मिली थी। रिपोर्ट के आधार पर जिला विकास अधिकारी शेषमणि सिंह ने सेक्रेटरी के खिलाफ तीन बिंदुओं पर कार्रवाई की है, उनमें ब्लॉक जोगिया से कार्य मुक्ति तिथि से इटवा ब्लॉक में योगदान देने की अवधि तक वेतन रहित घोषित करने, मूल वेतन 21500 पर करने, शौचालय के नाम पर निकाली गई धनराशि का 50 प्रतिशत यानी 12.60 लाख रुपये को वेतन से रिकवरी की कार्रवाई की है।
बिना शौचालय निर्माण के ही निकाल ली राशि
जांच रिपोर्ट के मुताबिक, ग्राम विकास अधिकारी रमाशंकर पर जोगिया ब्लॉक के तीन गांवों में बिना शौचालय निर्माण कराए ही 25.20 लाख रुपये आहरित करने का मामला है। भपसी में 118 शौचालयों के निर्माण पर 14.16 लाख, सिरसिया मिश्र में 70 शौचालयों के निर्माण पर 8.40 लाख, बैदोली में 22 शौचालयों के निर्माण पर 2.64 लाख रुपये आहरित किया जाना पाया गया है।