जमुनहा (श्रावस्ती)। नानपारा गिरंट मार्ग से चमरपुरवा पिपरहवा मार्ग पूर्ण रूप से ध्वस्त हो चुका है। सड़क पर जलभराव है। जो प्रत्याशियों के लिए चुनौती बन गया है। नए प्रत्याशी इसे बनवाने का दावा करते हैं तो पुराने इस सड़क से मुंह छिपा रहे हैं।
सड़कों के विकास के मामले में कई बड़े-बड़े दावे हुए। यह दावे प्रदेश के साथ-साथ स्थानीय नेताओं ने भी किए। लेकिन अब वह दावे प्रत्याशियों पर भारी पड़ रहे हैं। खास तौर से सत्ता दल के प्रत्याशी पर। 290 श्रावस्ती विधानसभा क्षेत्र में पड़ने वाला नानपारा गिरंट मार्ग से चमारनपुरवा बभनपुरवा पिपरहवा मार्ग पर गड्ढा मुक्ति का कोई भी अभियान नहीं चला। धीरे-धीरे यह सड़क ध्वस्त हो गई। अब स्थिति यह है कि सड़क पर ही जलभराव है। आने-जाने वाले ग्रामीण अक्सर इस सड़क पर गिर कर घायल हो जाते हैं। इसके लिए कई बार ग्रामीणों ने प्रयास भी की। लेकिन सड़क निर्माण तो दूर उसे गड्ढा मुक्त भी नहीं किया जा सका।
अब यह सड़क श्रावस्ती विधानसभा के उम्मीदवारों के लिए एक नई चुनौती बन कर उभरी है। जो प्रत्याशी पहली बार मैदान में आए हैं। वह इसे जीतने के तत्काल बाद बनवाने का दावा कर रहे है। यहां तक कि नए उम्मीदवार ग्रामीणों को यह भी आश्वासन दे रहे हैं कि यह सड़क उनके लिए चुनावी मुद्दा है। इसलिए इस पर प्राथमिकता होगी। वहीं जो अभी तक सत्तासीन थे वह इस सड़क से अपना मुंह चुराते फिर रहे है।
वह इसको न तो बनवाने का दावा ही कर पा रहे हैं और न ही यह बता पा रहे हैं कि यह सड़क क्यों नहीं बनी। या फिर गड्ढा मुक्ति अभियान यहां क्यों नहीं चला। जबकि देखा जाए तो इसी सड़क का इस्तेमाल करके निर्वाचन कर्मचारी से लेकर सेक्टर मजिस्ट्रेट बभनपुरवा, बरगदही, पिपरहवा पोलिंग बूथ तक पहुंचेंगे। क्षेत्र के सलामत उल्ला खां, सलीम खां, नयूमखां, मनोज कुमार, कुलदीप त्रिपाठी, पुजारी मिश्रा, राजू पवन त्रिपाठी, प्रहलाद राय, फूलचंद वर्मा, मुन्ना खां, बाबू खां, अज्जु खां, मुनीर अहमद, शब्बीर, ताहिर अली, डॉ. मकसूद सहित अन्य लोगों ने आने वाले प्रत्याशियों से इसे भविष्य में बनवाने की अपील भी की है।