श्रावस्ती। गुलाब जल निर्माण समिति को कच्चा माल उपलब्ध कराने के लिए जिले में ही गुलाब की खेती होगी। उद्यान विभाग ने चार विकास खंडों के लिए 22 लाख 02 हजार रुपये की कार्ययोजना तैयार की है। इसके तहत किसानों का चयन हो गया है। जल्दी ही खेतों में गुलाब के फूल लहलहाते मिलेंगे।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गठित समितियां विगत एक वर्ष से गुलाब जल का निर्माण कर रही है। अभी तक इस गुलाब जल निर्माण के लिए कच्चे माल के बतौर मंदिरों में चढ़ाए गए गुलाब के फूल एकत्र करके कार्य किया जाता था। इसके लिए कई जिलों के मंदिरों तक दौड़ लगानी पड़ती है। इसके बाद भी इतना गुलाब का फूल एकत्र नहीं हो पाता, जिससे मांग के अनुरूप गुलाब जल तैयार हो सके। इस परेशानी को दूर कराने के लिए अब प्रशासन ने जिले में ही गुलाब फूल उत्पादन कराने का निर्णय लिया है।
इसके लिए मनरेगा योजना के तहत सिरसिया, इकौना, जमुनहा व गिलौला में फूलों की खेती कराने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए मनरेगा योजना के तहत करीब 22 लाख दो हजार 372 रुपये का खर्च आएगा। किसानों द्वारा उगाए गए फूलों की आपूर्ति सीधे गुलाब जल निर्माण करने वाली समितियों को ही की जाएगी।
ब्लाकवार चयनित किसान करेंगे खेती
ब्लाक किसानों की संख्या लागत
जमुनहा 12 5,71,608
गिलौला 08 4,53,924
इकौना 01 67,248
सिरसिया 28 11,09,592
जिले में कई समूह गुलाब जल का उत्पादन कर रही है। बाजार में उनके बनाए गुलाब जल की मांग भी है। मांग के अनुरूप गुलाब के फूल उपलब्ध न होने के कारण उत्पादन प्रभावित होता है। इसीलिए मनरेगा योजना के तहत गुलाब फूल उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे खेती करने वाले किसानों को जिले में ही खरीददार मिल सकेंगे। ईशान प्रताप सिंह, सीडीओ