श्रावस्ती के इकौना स्थित सीताद्वार में लगे मेले में झूलों का आनंद लेते व खरीददारी करते लोग
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श्रावस्ती। कार्तिक पूर्णिमा से शुरू हुए सीताद्वार मेले के तीसरे दिन भी मेला लोगों को अपनी ओर खींचने में सफल रहा। सीताद्वार मेले में पहले की अपेक्षा ज्यादा भीड़ रही। बहराइच, बलरामपुर व स्थानीय श्रद्धालुओं ने झील में डुबकी लगा कर माता सीता के मंदिर में दर्शन किया। लोग सुख व समृद्धि के लिए माता सीता की आराधना कर रहे थे।
मेले में आए लोग वाल्मीकि मंदिर में भी वृक्ष पर धागा बांध रहे थे। मेले के दौरान लोगों की आस्था का केंद्र जहां झील थी। वहीं उनके मनोरंजन का केंद्र झूले थे। यहां बाहर से आए झूले में ड्रैगन, डांसिंग डाल, मोटू पतलू व अन्य प्रकार के झूले बच्चों को अपनी ओर खीच रहे थे। ग्रामीण क्षेत्र में होने के कारण लखरांव मेले का आकर्षण गन्ना व सिंघाड़ा रहा। यह पूरा क्षेत्र जल प्लावित है। यहां सिंघाड़े व गन्ने की खेती ज्यादा होती है।
मेले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा कैंप लगाया गया था। जहां चौबीसों घंटे स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती है। यहां कई मरीज बुखार व उल्टी दस्त की शिकायत लेकर आए। जिनका इलाज किया गया। सीताद्वार मेले में भारी भीड़ के कारण मेला क्षेत्र में वाहनों का प्रवेश वर्जित है। जिसके चलते करीब डेढ़ किलोमीटर तक मेलार्थियों को इकौना बहराइच मार्ग से पैदल जाना पड़ा। मेले की सुरक्षा व्यवस्था को चुस्त रखने के लिए सीओ इकौना ने खुद यहां कैंप किया। कैंप के साथ रात व दिन में ड्रोन कैमरे से मेला परिसर व आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की निगरानी की गई।