श्रावस्ती। सावन मास का प्रथम पखवारा बीत चुका है, इसके बावजूद धरती प्यासी है। कभी भोर तो कभी रात में होने वाली रिमझिम बूंदा बांदी लोगों को कोई राहत नहीं दिला पा रही है। जिसके चलते सावन में धूल उड़ रही है। दिन में निकलने वाली चिलचिलाती धूप ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। कभी बदली तो कभी धूप के बीच चलने वाली पूर्वा हवाओं से बढ़ी उमस ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी है।
उमस भरी गर्मी के कारण जहां खेतों की नमी तेजी से कम हो रही है, वहीं इसे देख किसानों के चेहरों की हवाइयां भी उड़ रही है। असिंचित सिरसिया क्षेत्र में धान की रोपाई कर चुके किसान बरसात न होने व पूर्वा हवाओं के कारण खेतों से कम हो रही नमी को देख परेशान हैं। किसानों का कहना है कि बरसात न हुई तो उनकी मेहनत पर पानी फिर सकता है। वहीं तेज धूप व उमस के कारण लोगों की बेचैनी भी बढ़ गई है। लोगों को घरों में भी कोई राहत नहीं मिल पा रही है। एक तरफ जहां बूंदाबांदी व उमस के कारण लोगों को संक्रामक रोगों का खतरा सता रहा है, वहीं दूसरी तरफ अघोषित बिजली कटौती ने लोगों की मुश्किलें बढ़ाई हैं। ऐसे में राहत के लिए हर किसी को बचे हुए सावन में बरसात की आस है। (संवाद)