श्रावस्ती। जिले में कोविड 19, मलेरिया, डेंगू सहित अन्य संक्रामक रोगों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए डीएम ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को संचारी रोगों की रोकथाम के लिए मरीजों को समुचित इलाज मुहैया कराने के निर्देश देते हुए कहा है कि बरसात के दौरान संक्रामक बीमारियों के पैदा होने की संभावना बनी रहती है। सभी सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में संभावित मरीजों के जांच एवं इलाज की पूरी व्यवस्था की जाए। औचक निरीक्षण के दौरान किसी भी अस्पताल में कोई कमी मिली तो संबन्धित अस्पताल के प्रभारी चिकित्साधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक के दौरान जिलाधिकारी टीके शिबु ने डीपीआरओ को निर्देश दिया कि सभी गांवों में सफाई के लिए तैनात सफाई कर्मियों के माध्यम से सफाई, फागिंग, चूना व ब्लीचिंग छिड़काव, सैनिटाइजेशन कराएं। गांव में ऐसे स्रोतों जिनका संग्रहित जल हटाना संभव न हो उनमें एंटीलार्वा या ब्लीचिंग का छिड़काव कराएं। कोविड 19 या अन्य बीमारियों से बचाव के लिए ग्राम पंचायतों में सैनिटाइजेशन का काम प्राथमिकता पर कराया जाए।
डेंगू की रोकथाम के लिए लक्षण युक्त रोगी के घर व आसपास के 50 घरों में पाइरिथ्रम का छिड़काव करायें। स्क्रब टाइफस की रोकथाम के लिए ग्राम पंचायतों में लगी झाड़ियों को नियमित रूप से काटा जाए। डेंगू से बचाव की जानकारी जनसामान्य को डुग्गी मुनादी के माध्यम से दें। प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों, पंचायत भवनों की छत पर जल जमाव एवं घास फूस को साफ कराया जाए।
गांवों को जोड़ने वाले मुख्य मार्गों व अन्य सड़कों के किनारे घास एवं झाड़ियों को साफ कराया जाए। सामुदायिक शौचालयों के गड्ढों को दुरुस्त करवाया जाए। स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था के लिए गांव में स्थापित हैंडपंपों के आसपास सफाई, चबूतरे की मरम्मत भी कराई जाए। कोविड 19 के बचाव के लिए 397 ग्राम पंचायतों में पूर्व में सर्वे के आधार पर निगरानी समितियों के माध्यम से स्क्रीनिंग की जाए। लक्षण वाले व्यक्तियों की सूचना चिकित्सा विभाग को दी जाए।