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कोविड में दो युवा नेता खेलते रहे ट्विटर-ट्विटर

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श्रावस्ती। डिप्टी सीएम सोमवार को जिले के दौरे पर थे। इस दौरान भिनगा में जनसभा को संबोधित करते हुए बिना नाम लिए ही अखिलेश व राहुल पर निशाना साधा। कहा कि कोविड में दोनों युवा नेता ट्विटर ट्विटर खेल रहे थे। इस दौरान श्रावस्ती को पर्यटन के चरम बिंदु तक पहुंचाने का वादा भी किया।
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विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आता जा रहा है वैसे -वैसे राजनीतिक मंचों से वादों की बौछार व विपक्षियों की खिंचाई बढ़ती जा रही है। सोमवार को डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा जिले के दौरे पर थे। दौरा सरकारी था, लेकिन मंच से राजनीति बोली ही सुनाई दी। उप मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी व अखिलेश यादव का नाम लिए बिना ही कहा कि दो युवा नेता कोविड काल मे दिल्ली में बैठकर ट्विटर-ट्विटर खेल रहे थे। इसमें से एक ने तो अपने कार्यकर्ताओं से वैक्सीन न लगवाने को कहा।
उन्होंने औवेसी पर भी निशाना साधते हुए बिना नाम लिए ही कहा कि हैदराबाद से आज एक नेता आकर प्रदेश में हिंदू-मुसलिम की भावना भड़काना चाहता है, लेकिन वह उस समय गायब था जब कोरोना में जरूरत थी। उन्होंने स्थानीय स्तर के कई मुद्दों को गर्माने का प्रयास किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि श्रावस्ती बौद्ध परिपथ का एक विशेष हिस्सा है।
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इसे पर्यटन के मानक पर उच्चतम बिंदु तक पहुंचाया जाएगा। इस दौरान उन्होंने प्रदेश में बनवाए गए डिग्री कॉलेज व इंटर कॉलेज का उल्लेख भी किया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में शिक्षा के क्षेत्र में काफी ध्यान दिया गया है जबकि पिछली सरकारों में केवल वीआईपी मानसिकता थी। नेता लाल बत्ती लगी बड़ी गाड़ियों से उतरते थे। आज यह सब योगी व मोदी सरकार ने खत्म कर दिया।
उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा के मंच ने स्थानीय स्तर पर हलचल पैदा कर दी। यह हलचल उनके उस भाषण से पैदा हुई जिसमें उन्होंने कहा कि भिनगा विधानसभा क्षेत्र में जितना काम विधायक ने नहीं किया उससे अधिक काम बिना विधायक रहते हुए अलक्षेंद्र कांत सिंह ने किया। चुनाव के बाद अलक्षेंद्र कांत सिंह पूरे साढ़े चार वर्ष निष्क्रिय रहे।
अब जब चुनाव आ रहा है तो उनकी उपस्थिति बढ़ी है। मंच से उप मुख्यमंत्री का भाषण व मंच पर उनकी उपस्थिति को लेकर लोग कयास लगा रहे हैं। इसको लेकर संगठन में भी मतभेद की स्थिति बन गई है। इसका कारण है कि संगठन के भी कुछ पदाधिकारी टिकट की दौड़ में है जो इस कार्यक्रम की सफलता से लेकर क्षेत्र में भाजपा की लहर पैदा करने के लिए दिन-रात एक किए हुए हैं।
माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से उप मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन सौंपा गया जिसमें 2018, 2019 व 2020 में हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के मूल्यांकन का पारिश्रमिक अब तक अधिकांश शिक्षकों को न दिए जाने का मुद्दा उठाया गया। पारिश्रमिक दिलाने की मांग भी की गई। ज्ञापन जिला संयोजक दिवाकर व जिलाध्यक्ष ज्योति प्रकाश पांडे ने दिया। वहीं, एनएचएम के संविदा कर्मियों ने भी समस्याओं से संबंधित एक ज्ञापन उन्हें सौंपा।
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