श्रावस्ती। विगत दिनों हुई बरसात के बाद मौसम का मिजाज अचानक तेजी से बदल रहा है। दिन में चलने वाली पछुआ हवाओं से लोगों को लू के थपेड़ों का सामना करना पड़ रहा है। इससे सुबह 11 बजे के बाद जहां मुख्य मार्ग सूने दिखाई देने लगे हैं, वहीं बाजारों की भी रौनक फीकी पड़ गई। हर कोई चिलचिलाती धूप व लू के थपेड़ों से बचने की जुगत करते देखा जा रहा है।
जिले में हिंदू व मुसलिम दोनों ही समुदायों में सहालग का दौर जारी है। ऐसे में हर कोई अपनों के यहां जाने के लिए बेताब देखा जा रहा है। वहीं, पारा बुधवार को 42 डिग्री पर पहुंच जाने से हर कोई परेशान देखा जा रहा है। एक तरफ जहां लोग 11 बजे के बाद घरों से बाहर निकलने से परहेज कर रहे हैं वहीं, दोपहर में सहालग के बावजूद मुख्य मार्ग सहित जिले के बाजार सूने देखे जा रहे हैं। मौसम का असर सिर्फ इंसान ही नहीं बल्कि पशु-पक्षियों पर भी देखने को मिल रहा है। मौसम में अचानक आए इस बदलाव के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में लोग पेड़ों का सहारा ले रहे हैं।
वहीं, नगरीय क्षेत्रों में लोग विद्युत उपकरणों का सहारा लेने को विवश हैं। जेठ मास के पहले दिन बढ़ी उमस के कारण लोगों को न तो घर में चैन मिला और न ही घर के बाहर। यही स्थिति रात की भी है। उमस भरी गर्मी से बेहाल लोग राहत के लिए आसमान की ओर निहार रहे हैं। वहीं, बढ़ी अघोषित बिजली कटौती ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। चिकित्सक लोगों को धूप में न निकलने की सलाह दे रहे हैं।
संयुक्त जिला चिकित्सालय के डॉ. एनएन पांडे बताते हैं कि तापमान दिन-प्रतिदिन बढ़ रहा है। ऐसे में यदि महिलाओं व बच्चों को लेकर कहीं जाना हो तो सुबह जल्दी घर से निकलने का प्रयास करें। जहां तक हो सके, तली-भुनी व तेल वाली चीजें खाने से बचें। जरूरी हो तो धूप से बचने का इंतजाम किए बगैर घर से कदापि न निकले। सफर में अपने साथ पानी की बोतल, नींबू, ग्लूकोज आदि लेकर चलें। धूप से आने के बाद तत्काल पानी पीने व नहाने से परहेज करें।