कटरा (श्रावस्ती)। महामाया राजकीय महाविद्यालय इकौना में सोमवार को महाराणा प्रताप की जयंती पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस मौके पर वक्ताओं ने मौजूद युवाओं को महाराणा प्रताप के जीवन से सीख लेने की आवश्यकता जताते हुए राष्ट्र नायक महाराणा प्रताप के जीवन चरित्र पर प्रकाश डाला।
विचार गोष्ठी का शुभारंभ प्राचार्य डा. धर्मेंद्र गुप्त ने करते हुए कहा कि मेवाड़ को बचाने के लिए महाराणा प्रताप लगातार मुगलों से लोहा लेते रहे। उनमें स्वराज, देशभक्ति, धैर्य व स्वाभिमान की भावना कूट कूट कर भरी थी। उन्होेंने घास की रोटी खाने के बावजूद अपने सम्मान व स्वाभिमान पर कोई आंच नहीं आने दी। डा. श्याम नारायण वर्मा ने कहा कि महाराणा प्रताप जब बंदी बनाए गए तब भी उन्होंने हार नहीं मानी और गुलामी से बेहतर मौत को गले लगाना समझा। विचार गोष्ठी को डा. दिलीप कुमार, डा. उपेन्द्र कुमार सोनी ने भी संबोधित किया। संवाद