श्रावस्ती। नीति आयोग की ओर से घोषित आकांक्षी जिले में स्वास्थ्य, शिक्षा व कृषि क्षेत्र में 19 बिंदुओं पर कार्य किया जाना है। अब तक हुए कार्यों की समीक्षा बुधवार केंद्रीय मंत्री डॉ. महेंद्र नाथ पांडे ने कलेक्ट्रेट सभागार में किया। इस दौरान उन्होंने जिले में शिक्षा के स्तर को लेकर चिंता जताई।
कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा के दौरान डॉ. महेंद्रनाथ पांडे ने कहा कि श्रावस्ती की साक्षरता दर पूरे भारत में सबसे कम है। यह चिंता का विषय है। यहां के अधिकारियों को साक्षरता दर बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास करना चाहिए। प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा में दाखिले पर निगरानी होनी चाहिए। कोई भी छात्र शिक्षा से वंचित न रहने पाए। वहीं स्वास्थ्य समीक्षा के दौरान जागरूकता के अभाव में गर्भवती महिलाएं एवं नवजात शिशुओं का समय से टीकाकरण न होने के कारण मातृ व शिशु मृत्युदर अधिक होने को एक गंभीर विषय बताया। इसके लिए स्वास्थ्य, बाल विकास पुष्टाहार व बेसिक शिक्षा विभाग को एक मास्टर प्लान बनाकर कार्य करने को कहा। इसके साथ ही जिले की प्रत्येक गर्भवती महिला का संस्थागत प्रसव ही कराया जाए ताकि जच्चा-बच्चा की देखभाल अस्पताल में हो सके।
एएनएम, आशा बहू व आशा संगिनी की प्रत्येक माह जिला स्तर पर बैठक कर उन्हें बच्चों के टीकाकरण तथा परिवार नियोजन अपनाने हेतु प्रशिक्षित किया जाए। कहा कि संस्थागत प्रसव ही शिशु मृत्यु दर को कम कर सकता है। इस दौरान मंत्री ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, आयुष्मान भारत योजना, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, पेयजल, विधवा, वृद्धा एवं दिव्यांगजन पेंशन योजना, बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, प्रधानमंत्री कन्या सुमंगला योजना, जल संचयन, कौशल विकास, प्रधानमंत्री जन-धन योजना आदि योजनाओं की समीक्षा करके लक्ष्य पूर्ति का निर्देश दिया। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष दद्दन मिश्रा, श्रावस्ती विधायक रामफेरन पांडे, एमएलसी डॉ. प्रज्ञा त्रिपाठी, जिला प्रभारी राहुल राज रस्तोगी, पूर्व सांसद पद्मसेन चौधरी सहित सभी विभागों के विभागाध्यक्ष मौजूद रहे।
डीएम नेहा प्रकाश ने बताया कि जिले में स्वास्थ्य व शिक्षा के स्तर में सुधार लाने के लिए विशेष प्रयास किया जा रहा है। संस्थागत प्रसव 48 प्रतिशत से बढ़कर 80 प्रतिशत हो गया है। इसके लिए 26 नये डिलीवरी प्वाइंटस खोले जा चुके हैं। छह निर्माणाधीन हैं।