श्रावस्ती। सिरसिया के लालपुर कुसमहवा में शुक्रवार को विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में महिला सशक्तिकरण व आगामी दिनों में लगने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के बारे में जानकारी दी गई। शिविर की अध्यक्षता सचिव मृत्युंजय श्रीवास्तव ने की।
सिरसिया के लालपुर कुसमहवा में आयोजित विधिक सेवा साक्षरता शिविर में प्राधिकरण के सचिव मृत्युंजय श्रीवास्तव ने कहा कि 14 मई को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इसमें आप अपने छोटे-छोटे मामलों को सुलह-समझौते के आधार पर समाप्त करा सकते हैं। इसके साथ ही महिला सशक्तिकरण के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि एक नारी को शिक्षित करने का अर्थ एक परिवार को शिक्षित करना है। वर्तमान युग को वैचारिकता का युग कहा जा सकता है। लैंगिक असमानता मुख्य सामाजिक मुद्दा है जिसमें महिलाएं पुरुषवादी प्रभुत्व देश में पिछड़ती जा रही हैं। पुरुष और महिला को बराबरी पर लाने के लिए महिला सशक्तिकरण में तेजी लाने की जरूरत है। सभी क्षेत्रों में महिलाओं का उत्थान राष्ट्र की प्राथमिकता में शामिल होना चाहिए।
महिला और पुरुष के बीच की असमानता कई समस्याओं को जन्म देती है जो राष्ट्र के विकास में बड़ी बाधा के रूप में सामने आ सकती है। यह महिलाओं का जन्मसिद्ध अधिकार है कि उन्हें समाज में पुरुषों के बराबर सम्मान मिले। अगर स्त्री या माता अथवा गृहिणी के संस्कार शिक्षा-दीक्षा आदि उत्तम नहीं होगी तो वह समाज और राष्ट्र को श्रेष्ठ सदस्य कैसे दे सकती है। शिविर को अधिवक्ता विष्णु दत्त अस्थाना, विश्राम पासवान, बलदाऊ यादव, ओंकारनाथ चौधरी, रामराज, राघवराम, कृष्ण गोपाल शुक्ला, गीता यादव, योगमाया, सोनी, राजेश कुमार, विजय कुमार सहित अन्य लोगों ने भी संबोधित किया।