श्रावस्ती/गिरंट बाजार। मिठाइयों और खाद्य पदार्थों पर निर्माण व अंतिम प्रयोग की तिथि अंकित करने के शासन के निर्देश का जिले में एकसमान पालन नहीं हो रहा है। 15 अक्तूबर से तिथियां लिखने का आदेश लागू होने के बाद शुक्रवार को अमर उजाला ने विभिन्न स्थानों पर मिठाई की दुकानों की पड़ताल की। कहीं कुछ मिठाइयों पर स्टिकर लगे मिले तो कहीं दुकानदार आदेश से अनजान दिखे। कई दुकानों पर रेटलिस्ट भी नहीं मिली। ऐसे में विभागीय निगरानी पर सवाल उठ रहे हैं।
तिथियों का स्टिकर लगाते मिले विक्रेता
भिनगा के नई बाजार स्थित अनुपम भोग मिष्ठान की दुकान पर कुछ मिठाई की पेटियों पर स्टिकर लगे थे, जबकि कुछ बिना स्टिकर के रखी मिलीं। दुकान पर रेटलिस्ट भी चस्पा नहीं दिखी। दुकानदार प्रशांत यज्ञसैनी ने बताया कि आदेश का पालन किया जा रहा है और सभी मिठाई की पेटियों पर स्टिकर लगा दिए जाएंगे। हालांकि, उन्होंने आदेश को दुकानदारों के हित में नहीं बताया। उनका कहना था कि व्यापार संघ भी अपनी बात नहीं रख पा रहा है। अन्य दुकानों पर भी निर्देश के पालन की स्थिति मिली-जुली रही।
आदेश से अनजान है दुकानदार
हरदत्त नगर गिरंट क्षेत्र की एक मिठाई की दुकान पर कुछ मिठाइयां खुले में बिकती मिलीं, जबकि कुछ काउंटर के अंदर रखी थीं। किसी भी मिठाई की पेटी पर निर्माण और अंतिम प्रयोग की तिथि अंकित नहीं मिली। रेटलिस्ट भी चस्पा नहीं थी। दुकानदार मुने ने बताया कि उन्हें ऐसे किसी आदेश की जानकारी नहीं है। विभाग की ओर से जानकारी दी जाती तो वह इसका पालन करते।
निगरानी पर उठे सवाल
शासन के निर्देश के बावजूद दुकानों पर तिथियों के अंकन और रेटलिस्ट की स्थिति में अंतर दिखा। ऐसे में खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से दुकानदारों को जागरूक करने और आदेश का पालन सुनिश्चित कराने की जरूरत है।
क्षेत्रों में भ्रमण करके दुकानदारों को इस आदेश की जानकारी दी जा रही है। आज इकौना क्षेत्र के दुकानदारों को जागरूक किया गया है। दुकानदारों को निर्माण व अंतिम तिथि लगाने का निर्देश दिया गया है। धीरे-धीरे लोग जागरूक हो जाएंगे।
आदर्श प्रताप, खाद्य सुरक्षा अधिकारी
हरदत्तनगर गिरंट चौराहे पर सजी मिठाई की दुकान