श्रावस्ती। विकास भवन स्थित राप्ती सभागार में गुरुवार को गोआश्रय स्थलों के संचालन के लिए समीक्षा बैठक की गई। इसकी अध्यक्षता करते हुए सीडीओ ने ग्राम पंचायतों में अस्थाई गोआश्रय स्थलों के निर्माण के लिए तत्काल भूमि का चिह्नांकन कर उसका विवरण उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी अनुभव सिंह ने गोआश्रय स्थलों पर मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने व अधिक से अधिक निराश्रित गोवंशों को संरक्षित किए जाने के लिए रणनीति बनाने पर चर्चा की। उन्होंने सभी उपजिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन न्याय पंचायतों में स्थाई व अस्थाई गोआश्रय स्थल संचालित अथवा निर्माणाधीन हैं, उनको छोड़कर अन्य सभी न्याय पंचायत में अस्थाई गोआश्रय स्थलों के निर्माण के लिए उपयुक्त भूमि (जलभराव की संभावना रहित) का चिह्नांकन कर तत्काल विवरण उपलब्ध कराएं।
इसके साथ ही उन्होंने जिले में उपलब्ध सभी गोचर व चारागाह की भूमि का भी विवरण उपलब्ध कराने का निर्देश दिया ताकि गोआश्रय स्थलों पर संरक्षित गोवंशों के लिए हरे चारे का उत्पादन कराया जा सके। उन्होंने सभी खंड विकास अधिकारियों को संबंधित उपजिलाधिकारी से संपर्क करके प्रत्येक न्याय पंचायत में चिह्नित भूमि पर अस्थाई गोआश्रय स्थलों की स्थापना के लिए आवश्यक इस्टीमेट तैयार करते हुए निर्माण कराने के लिए कार्यवाही करने को कहा।
उन्होंने निर्देश दिया कि अपने क्षेत्र अंतर्गत संचालित व प्रस्तावित गोआश्रय स्थलों के लिए स्थानीय निराश्रित गोवंश की संख्या के अनुरूप कैचमेंट एरिया का निर्धारण करें। सभी उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी व पशु चिकित्साधिकारियों को अपने क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायतवार अवशेष निराश्रित गोवंश का नये सिरे से सर्वे कराने, ग्राम पंचायतवार आकलित संख्या की सूचना उपलब्ध कराने का निर्देश भी दिया ताकि निकटस्थ गोआश्रय स्थलों में निराश्रित गोवंशों को संरक्षित कराया जा सके।
इस मौके पर उपजिलाधिकारी भिनगा प्रवेंद्र कुमार, उपजिलाधिकारी जमुनहा सौरभ शुक्ला, जिला विकास अधिकारी विनय कुमार तिवारी, परियोजना निदेशक इंद्रपाल सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. जयइंद्र सिंह, उपनिदेशक कृषि कमल कटियार, सहायक निदेशक मत्स्य सुरेश कुमार सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।