श्रावस्ती। दहेज हत्या के मामले में न्यायालय ने बृहस्पतिवार को पति व सास को आजीवन कारावास के साथ अर्थदंड की सजा सुनाई। अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दो अन्य रिश्तेदारों को मामले में दोषमुक्त भी किया है। अर्थदंड न देने पर दो वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
इकौना थाना क्षेत्र के ग्राम दुबे पुरवा के मजरा परना निवासी अमेरिका प्रसाद पुत्र छेदी राम ने नौ दिसंबर 2013 को इकौना थाने में एक शिकायती पत्र दिया था। इसमें कहा था कि उसने अपनी लड़की पुष्पा देवी की शादी दो वर्ष पूर्व लालन निवासी ग्राम अवधूत नगर जयचंद पुर कटघरा इकौना में किया था। शादी के बाद से ही ससुरालीजन बाइक व सोने की चेन की मांग करने लगे। घटना के एक दिन पूर्व मृतका ने फोन करके बताया था कि पिता जी यह लोग दहेज के लिए बहुत मारते-पीटते हैं। दूसरे दिन लालन के चाचा ने फोन करके बताया कि तुम्हारी लड़की पुष्पा मर गई है। इस सूचना पर जब वह अपने पूरे परिवार के साथ लड़की के ससुराल पहुंचा तो वह वहां मृत पड़ी थी। उसके ससुरालीजन घर से गायब थे। केवल सास बैठी थी।
इस मामले में इकौना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच करते हुए चार्ज सीट न्यायालय में प्रस्तुत किया था। इस मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट अजय कुमार सिंह कर रहे थे। इस सुनवाई के दौरान यह पाया गया कि मृतका का पति लालन व मृतका की सास सुंदर देवी दोषी है। जबकि मामले में दो अन्य अभियुक्त निर्दोष हैं। ऐसे में न्यायालय ने मृतका के पति व सास को सश्रम आजीवन कारावास के साथ भिन्न-भिन्न धाराओं को मिलाकर 70 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। इस संबंध में अपर जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सत्येंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि अर्थदंड न देने पर दोनों अभियुक्तों को दो वर्ष अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।