श्रावस्ती। सरकारी अस्पताल में सभी सुविधाओं के बाद भी संस्थागत प्रसव घटा है। इसका खुलासा समीक्षा के दौरान हुआ। इस पर नाराजगी जताते हुए डीएम ने सीएमओ को संस्थागत प्रसव बढ़ाने व शिथिलता बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
कलेक्ट्रेट सभागार में गुरुवार शाम डीएम ने स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं की समीक्षा की। जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में पता चला कि सीएचसी व पीएचसी सहित जिला अस्पताल में संस्थागत प्रसव घटा है। इस पर डीएम कृतिका शर्मा ने नाराजगी जताई। साथ ही सीएमओ को अपने स्तर से प्रयास कर संस्थागत प्रसव बढ़ाने का निर्देश दिया। साथ ही उन्होंने सभी प्रभारी चिकित्साधिकारी को एएनएम व आशा के कार्यों की समीक्षा करने तथा लापरवाहों को दंडित करने का निर्देश दिया।
उन्होंने आरसीएच पोर्टल पर गर्भवती महिलाओं व नवजात शिशुओं का पंजीकरण शत-प्रतिशत अपडेट रखने को कहा। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि यदि भविष्य में कोई भी मातृ एवं शिशु की प्रसव के दौरान मृत्यु होती है तो संबंधितों को बख्शा नहीं जाएगा। इस दौरान उन्होंने परिवार नियोजन पर जोर देते हुए जन जन को इसके प्रति जागरूक करने की बात कही। डीएम ने टीकाकरण के बाद होने वाली घटनाओं की रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
सीएचसी सिरसिया, इकौना और मल्हीपुर का निरीक्षण के दौरान व्यवस्था दुरूस्त न मिलने पर सख्त चेतावनी भी दिया। इस दौरान उन्होंने बाढ़ चौकियां से संतृप्त सभी ग्रामों में तीन माह तक रोस्टर बनाकर कार्य करने का निर्देश दिया। बैठक का संचालन डीसीपीएम राकेश कुमार गुप्ता ने किया। इस दौरान डीडीओ रामसमुझ, सीएमएस डाॅ. राम गोपाल, एसीएमओ डाॅ. उदय नाथ, डाॅ. संत कुमार, जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी अभय प्रताप, बीएसए अमिता सिंह सहित अन्य मौजूद रहे।