श्रावस्ती। ग्राम पंचायतों को आबादी व संपर्क मार्गों पर रोशनी के लिए एलईडी लगाने की अनुमति मिली है। इसके लिए किस प्रकार की व कितने वाट की एलईडी लगाई जाएगी। इसका उल्लेख शासनादेश में किया गया है। लेकिन ग्राम पंचायतों में डुप्लीकेट व निर्धारित मापदंड से हट कर एलईडी लगाई जा रही है। इस खेल में 50 फीसदी तक का कमीशन बताया जा रहा है।
ग्राम पंचायतों में अब तक एलईडी लगाने पर प्रतिबंध था। लेकिन शासन ने दो जुलाई 2021 को आबादी वाले भाग व संपर्क मार्ग पर एलईडी लगाने का आदेश जारी किया है। इस आदेश के बाद जिले में सैकड़ों आपूर्तक ग्राम पंचायतों में एलईडी लगाने के लिए दौड़ रहे हैं। गांवों में फिलिप्स कंपनी की जो लाइटें लगाई जा रही हैं, उनमें न तो हाल मार्ग है और न ही सुरक्षा चिह्न। लाइट पर केवल एक स्टीकर चस्पा है जिससे यह तय कर पाना मुश्किल है कि लाइट असली है या फिर डुप्लीकेट। लाइटों पर ब्रांडेड कंपनी का स्टीकर चस्पा किया गया है। यह लाइटें तीसरे दिन खराब हो रही हैं। लेकिन पंचायतों की यह लाइटें पहली पसंद बनी हुई हैं। सूत्रों की मानें तो इस लाइट को लगवाने के लिए प्रधान व सचिवों को 40 से 50 फीसदी तक का कमीशन मिल रहा है। लेकिन यह लाइटें शासनादेश व सुरक्षा के मानकों को पूरा नहीं कर पा रही हैं।
यह है मानक
गांव पंचायत में 18 वाट से लेकर 45 वाट तक ही एलईडी लगाने का आदेश जारी किया गया है। यह आदेश पोल के बीच की दूरी के आधार पर है। यदि दो पोल के बीच की दूरी 30 मीटर से कम है तो 18 वाट, 30 मीटर है तो 24 वाट, 50 मीटर है तो 35 वाट व 75 मीटर है तो 45 वाट की एलईडी लाइट लगाई जाएगी। लेकिन जिले में 50 वाट की लाइट स्थापित हो रही है।
डूप्लीकेट की कीमत 500 रुपये
अधिकांश ग्राम पंचायतों में डुप्लीकेट एलईडी लाइट ही लगाई जा रही है। जिसकी वास्तविक कीमत 500 रुपये है। पंचायतें इस पर 3860 रुपये भुगतान कर रही हैं। जबकि वास्तविक लाइट की कीमत 3520 रुपये है। ऐसे में 50 फीसदी कमीशन देकर वास्तविक लाइट लगाना संभव ही नहीं है।
यहां मिल रही ज्यादा शिकायतें
एलईडी लाइट वैसे तो जिले की अधिकांश पंचायतों में लगाई जा रही हैं। लेकिन मानक विहीन लाइट लगाए जाने की शिकायतें अधिकारियों को सबसे ज्यादा दामूपुरवा, सिटकहना, महरू मुर्तिहा, फुलवरिया शाहपुर, महादेवा नासिरगंज, बरदेहरा भारी, ददौरा, खजुहा झुनझुनिया, कटहा, भटपुरवा कला व रमवापुर में मिल रही हैं।
शिकायत मिलने पर होगी कार्रवाई
ग्राम पंचायतों में जहां-जहां मानकविहीन लाइट की शिकायतें मिलेंगी। वहां-वहां सत्यापन कराया जाएगा। यदि मानक विहीन व डुप्लीकेट लाइट मिली तो सचिवों पर सबसे पहले कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए निर्देश पहले ही जारी किए जा चुके हैं। -ईशान प्रताप सिंह, सीडीओ