राप्ती नदी के तट पर मार्क ड्रिल कर आपदा के दौरान बरती जाने वाली सावधानियो की जानकारी देते आपदा सल?
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श्रावस्ती। जिला आपदा प्रबंध प्राधिकरण जिला इकाई ने गुरुवार को राप्ती नदी के तट पर स्थित अमवा ग्राम में बाढ़ की स्थित से बचाव के लिए प्रशिक्षण व मॉकड्रिल किया। इस दौरान आपदा विशेषज्ञ ने ग्रामीणों को लाइफ जैकेट हेलमेट, लाइफ गार्ड रिंग स्ट्रेचर आदि के उपयोग के बारे में बताया।
आपदा विशेषज्ञ अरुण कुमार मिश्र ने बताया की नदी में डूब रहे व्यक्ति को लाइफ गार्ड रिंग, रस्सी या गमछे का छोर पकड़ाकर किनारे की तरफ लाने का प्रयास करना चाहिए। नदी में प्रवेश करते समय लाइफ जैकेट का प्रयोग करना चाहिए। लाइफ जैकेट न होने की स्थिति में पांच लीटर का गैलेन अथवा दो लीटर के चार बोतल वक्ष स्थल पर बांध कर ही नदी में उतरें। धैर्य व अनुशासन बनाये रखें घबरायें नहीं और बताये गये तरीकों का प्रयोग कर प्रभावित की जान बचायें।
प्राधिकरण के सलाहकार मो. गफ्फार हुंमायूं ने ग्रामीणों को प्राथमिक उपचार के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति डूबते वक्त पानी पी गया है तो उसे ढाल वाली भूमि पर लिटा दें। उसके पैरों को आपस में चिपकाकर घुटने पेट तक ले जायें फिर हैंडपंप चलाने की मुद्रा में पैर को बार-बार ऊपर-नीचे करें। पानी निकल जाने पर उसे चिकित्सक के पास ले जायें।
इसके बाद ग्रामीणों ने मॉकड्रिल में प्रतिभाग किया। राप्ती नदी में गांव के दौलत अली डूबने लगे। जिन्हें बचाने के लिए आपदा मित्र रमेश पाठक, सीताराम, मोहम्मद शाकिर व ज्ञानेंद्र कुमार ने बिना देर किए नदी में छलांग लगाई और लाइफ गार्ड रिंग की मदद से उन्हें किनारे पर ले आए। इसके बाद अचेत दौलत अली का प्राथमिक उपचार भी किया गया। इस दौरान क्षेत्र के लेखपाल मुनीजर लाल यादव, रामप्रताप यादव, संतोष पाठक, अमरेश कुमार, रामगोपाल यादव, राजेंद्र प्रसाद आदि मौजूद रहे।