श्रावस्ती/ कटरा। जिले में श्री गणेश पूजा महोत्सव में कार्यक्रमों की धूम है। मंगलवार रात भिनगा में कलाकारों की ओर से रासलीला का मंचन किया गया। महावीर स्थान कटरा में कथा व्यास ने श्री गणेश उत्पत्ति की कथा का गुणगान किया।
कटरा में कथा व्यास पंडित ओमप्रकाश मिश्रा ने कहा कि वराह पुराण के अनुसार भगवान शिव पंचतत्वों से बड़ी तल्लीनता से गणेश का निर्माण कर रहे थे। इस कारण गणेश अत्यंत रूपवान व विशिष्ट बन रहे थे। आकर्षण का केंद्र बन जाने के भय से सारे देवताओं में खलबली मच गई। इस भय को भांप शिवजी ने बालक गणेश का पेट बड़ा कर दिया और सिर को गज का रूप दे दिया।
दूसरी कथा शिव पुराण से है। इसके मुताबिक देवी पार्वती ने अपने उबटन से एक पुतला बनाया और उसमें प्राण डाल दिए। उन्होंने इन्हें द्वारपाल बना कर बैठा दिया और किसी को भी अंदर न आने देने का आदेश देते हुए स्नान करने चली गईं। संयोग से उसी दौरान भगवान शिव वहां आए। उन्होंने अंदर जाना चाहा, लेकिन बालक गणेश ने रोक दिया। नाराज शिवजी ने बालक गणेश को समझाया, लेकिन उन्होंने एक न सुनी। क्रोधित शिवजी ने त्रिशूल से गणेश का सिर काट दिया।
पार्वती को जब पता चला कि शिव ने गणेश का सिर काट दिया है, तो वे कुपित हुईं। पार्वती की नाराजगी दूर करने के लिए शिवजी ने गणेश के धड़ पर हाथी का मस्तक लगा कर जीवनदान दिया। तभी से शिवजी ने उन्हें तमाम सामर्थ्य और शक्तियां प्रदान करते हुए प्रथम पूज्य और गणों का देव बनाया। भिनगा के व्यास भवन पर आयोजित श्री गणेश पूजा महोत्सव में आए कलाकारों ने रासलीला प्रस्तुत कर लोगों का मन मोह लिया।