श्रावस्ती के कलेक्ट्रेट के निकट कूड़ा एकत्र कर तापते लोग व ठंड से खुद को बचाने का प्रयास करते लोग
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श्रावस्ती। तराई में नववर्ष पर सूर्य के दर्शन नहीं हुए। शाम से ही छाए बादल व धुंध के बीच चलने वाली बर्फीली हवा से ठिठुरन काफी बढ़ गई है। ऐसे में लोग अपने घरों से बाहर निकलने से परहेज करते दिखे। अचानक बढ़ी इस ठंड से गरीबों को बचाने के लिए प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। कुछ स्थानों पर प्रशासन द्वारा अलाव के लिए लकड़ी तो गिराई गई लेकिन उसे अब तक जलवाया नहीं गया। जिससे लोगों को ठंड से कंपकंपाते देखा जा रहा है।
जिले में कंपकंपाती ठंड के साथ नववर्ष का आगाज हुआ। कोहरे व धुंध के कारण पूरे दिन सूरज बादलों में ही छिपा रहा। वहीं शुक्रवार शाम से लगातार चल रही पश्चिमोत्तर बर्फीली हवा से ठिठुरन काफी बढ़ गई है। मौसम के मिजाज में अचानक आए इस बदलाव के बाद मौसम का पारा लुढ़क कर छह डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। ऐसे में सिर्फ इंसान ही नहीं मवेशियों को भी ठंड से कंपकंपाते देखा गया।
नव वर्ष पर विभिन्न पार्कों व स्थलों पर जाने की तैयारी करने वाले ज्यादातर लोग कंपकंपाती ठंड के कारण अपने घरों में ही दुबके रहे। जूनियर स्तर तक के विद्यालयों में अवकाश के बावजूद बच्चे मैदानों में न जाकर घरों में ही बैठे रहे। कंपकंपाती ठंड से बचने के लिए राप्ती नदी की कछार व सिरसिया के तराई सहित ग्रामीण क्षेत्रों में लोग पूरे दिन अलाव का सहारा लेते रहे।
वहीं नगरीय क्षेत्रों में अलाव की व्यवस्था न होने के कारण लोगों को गर्म ऊनी कपड़ों में ठंड से कंपकंपाते देखा गया। अचानक बढ़ी इस ठंड से गरीबों को बचाने के लिए तहसील प्रशासन की ओर से न तो अब तक कंबल वितरण किया गया और न ही सार्वजनिक स्थलों पर अलाव ही जलाए गए। ऐसे में भिनगा इकौना व जमुनहा तहसील सहित कलेक्ट्रेट व न्यायालय आने वाले वादकारियों व फरियादियों को मुश्किलों का समाना करना पड़ा। लोग ठंड से बचने के लिए आसपास का कूड़ा एकत्र कर जलाते देखे गए।