श्रावस्ती। लोक निर्माण विभाग के जिम्मेदारों के लिए सीएम कार्यालय का आदेश भी कोई मायने नहीं रखता। इसी कारण बहराइच ककरदरी मार्ग का चौड़ीकरण कराने के टेंडर में हुए खेल के दोषी के खिलाफ कार्रवाई सिफर बनी है। इस पूरे मामले की शिकायत सीएम के यहां होने के बाद जांच टीम गठित हुई थी। जांच में प्रक्रियात्मक त्रुटि सामने आने पर मुख्यमंत्री कार्यालय ने जिम्मेदार के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया था। इस बाबत छह रिमाइंडर पत्र जारी होने के बाद भी जांच में दोषी मिले जिम्मेदार को बचाने की जोड़तोड़ में विभागीय अधिकारी जुटे हैं।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर हुई जांच में गड़बड़ी साबित होने के बाद सीएम के अपर मुख्य सचिव की तरफ से प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग को पत्र लिख कर कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया था। लोक निर्माण विभाग ने बहराइच ककरदरी मार्ग चौड़ीकरण के लिए टेंडर निकाला था। यह टेंडर सिद्धार्थ कंस्ट्रक्शन को दस प्रतिशत कम दर पर प्राप्त हुआ। बाद में विभागीय अफसरों ने अपनी चहेती फर्म को टेंडर न मिल पाने के कारण पूरी निविदा प्रक्रिया को निरस्त कर दिया। पुन: टेंडर अपलोड होने पर करीब 56 करोड़ की निविदा आमंत्रित हुई लेकिन बिल आफ क्वांटिटी लगभग 52 करोड़ ही अपलोड की गई। ऐसे में करीब चार से पांच करोड़ रुपये की कमी निविदा में कैसे हो गयी इसे लेकर जिम्मेदार चुप्पी साधे रहे। टेंडर प्रक्रिया में हुई गड़बड़ी की शिकायत मुख्यमंत्री कार्यालय से होने के बाद इस पूरे मामले की जांच शुरू हुई। इस दौरान टेंडर में प्रक्रियात्मक त्रुटि का खुलासा हुआ।
इस मामले को लेकर सबसे पहले मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव ने प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग को 30 जुलाई 2021 को पत्र लिख कर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया था। इस पत्र पर विभागीय स्तर से कोई कार्रवाई नहीं होने के कारण सीएम कार्यालय की तरफ से 17 मई 2022 तक कार्रवाई के लिए छह रिमाइंडर पत्र भेजे जा चुके हैं। इसके बावजूद इस मामले में टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई तो दूर अपर मुख्य सचिव की तरफ से भेजे जा रहे पत्र का कोई जवाब तक देना उचित नहीं समझा।