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गले नहीं उतर रहा एक दिन में 45.75 लाख पौधे रोपने का दावा

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श्रावस्ती। जिले को हरा भरा बनाने के लिए संचालित पौधरोपण अभियान शुरूआती दौर से ही कागजी दिखने लगा है। 12 लाख की आबादी वाले इस जिले में अभियान के पहले दिन ही जिम्मेदारों ने 45.75 लाख पौधे रोपित करने का दावा कर सभी को चौका दिया। अगर आबादी का हर शख्स औसतन तीन से चार पौधे रोपित करता तब कही जाकर पौधरोपण का यह दावा हकीकत समझ आता। अफसरों की इस करतूत पर अदम गोंडवी की एक कविता की यह लाइन सटीक साबित होती है कि ‘तुम्हारी फाइलों में गांव का मौसम गुलाबी है, मगर ये आंकड़े झूठे हैं ये दावा किताबी है’। मंगलवार से शुरू हुए पौधरोपण अभियान के पहले दिन ही प्रशासन ने जिले को हरा भरा बनाने के लिए निर्धारित 6399433 पौधों के सापेक्ष 4575862 पौधे रोपित हो जाने का दावा किया है।
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वन महोत्सव के तहत जिले में पौध रोपण के निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने के लिए एक से सात जुलाई के मध्य वन विभाग समेत अन्य जिला स्तरीय विभागों को आवंटित पौध रोपण का लक्ष्य पूरा करना है। पौधरोपण के इस लक्ष्य की पूर्ति के लिए आयुक्त देवी पाटन मंडल को नोडल अधिकारी बनाया गया है ताकि अभियान को पूरी सफलता के साथ पूरा किया जा सके। इसके बावजूद वन महोत्सव के तहत 5 जुलाई हुए पौध रोपण का आंकड़ा ही पूरे अभियान को कागजी साबित करता नजर आ रहा है। इस दौरान सीताद्वार में आयुक्त के साथ चंद अधिकारियों ने पौध रोपण किया तो जमुनहा में सांसद ने क्षेत्रीय लोगों के साथ पौधे रोपित किए। मंगलवार को संचालित अभियान के बाद देर शाम वन विभाग की तरफ से वन महोत्सव के तहत 5 जुलाई को रोपित पौधों का जारी आंकड़ा किसी के गले नहीं उतर रहा है।
वन विभाग के अफसरों का दावा है कि वन महोत्सव के दौरान 5 जुलाई को उसे 45,34,500 पौध रोपण का लक्ष्य मिला था। इसके सापेक्ष जिले में 45,75,862 पौध रोपित कराए गए। पौधरोपड़ का यह कागजी आंकड़ा किसी के भी गले नहीं उतर रहा है। सभी का कहना है कि जिले की कुल जनसंख्या ही 12 लाख के करीब है। ऐसे में पौधरोपण के दौरान हर व्यक्ति द्वारा औसतन तीन से चार पौधे रोपित करने पर ही रोपे गए पौधों का दावा सही साबित हो सकता है। ऐसे में एक ही दिन में इतने पौध किसने रोपित कर इन्हें पानी दिया इसका जवाब पूछने पर जिम्मेदार चुप्पी साधे हैं। किसान यूनियन से जुड़े उमाशंकर मिश्र बताते हैं कि जुलाई माह में अब तक जिले में बरसात नहीं हुई है। जमीन पूरी तरह सूखी व गर्म है। ऐसे में इतनी बड़ी संख्या में एक ही दिन में पौध रोपण करना कही से भी संभव नहीं हो सकता।
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पांच जुलाई को 45,71,400
छह जुलाई को 4, 57,050
सात जुलाई को 4,57,050
5 अगस्त को 9,13,933
जिले का कुल लक्ष्य --- 63,99,433 पौधे
पांच जुलाई को रोपित हुए पौधेे
विभाग लक्ष्य पूर्ति
वन विभाग 3016600 3057762
ग्राम्य विकास विभाग 737100 737300
पंचायती राज विभाग 75300 75300
नगर विकास विभाग 16900 16900
लोक निर्माण विभाग 10800 10800
जलशक्ति विभाग 10800 10800
रेशम विभाग 23500 23500
कृषि विभाग 471245 471245
पशुपालन 7600 7600
सहकारिता 3000 3000
उद्योग विभाग 7800 7800
ऊर्जा विभाग 700 700
माध्यमिक शिक्षा 1500 1500
बेसिक शिक्षा 17000 17000
प्राविधिक शिक्षा 1800 1800
उच्च शिक्षा 3600 3600
श्रम विभाग 700 700
स्वास्थ्य विभाग 11600 11600
परिवहन विभाग 2600 2600
रक्षा विभाग 6500 6500
उद्यान विभाग 83500 83500
गृह विभाग 6500 6500
योग अन्य विभाग 1517900 1518100
कुल योग 4535500 4575862
जिले में बन महोत्सव के दौरान पहले दिन का पौधरोपण निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष अधिक हुआ है। इसमें वन विभाग के साथ ही जिला प्रशासन से लेकर अन्य विभागों ने बढ़चढ़ कर हिस्सेदारी करते हुए पूरा सहयोग दिया।
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एपी यादव, डीएफओ
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