फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अधूरी तैयारियों के बीच जिले को अव्वल बनाने की तैयारी

विज्ञापन
विज्ञापन
श्रावस्ती। स्वच्छ भारत मिशन की ग्रामीण स्वच्छता रैकिंग में बेहतर प्रदर्शन कायम बनाए रखना आला अफसरों के लिए बड़ी चुनौती होगा। अधूरी तैयारियों के बीच जिले को अव्वल बनाने की कवायद में अधिकारी जुटे हैं। इसके लिए आम लोगों से आनलाइन सुझाव देने की अपील की जा रही है। इससे पूर्व वर्ष 2018 में जिले की स्थिति ग्राणीण स्वच्छता में प्रदेश में आठवें तो 2019 में छठवें स्थान पर रही थी। हालांकि स्वच्छता की तैयारियों से जुड़ी जमीनी हकीकत कुछ और ही तस्वीर दिखा रही है।
विज्ञापन

वर्ष 2020 में कोरोना काल के कारण सर्वेक्षण न हो पाने के कारण राष्ट्रीय स्तर पर कोई स्वच्छता रैंकिंग घोषित नहीं हुई थी। अब 2021 में भी जिला प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर पर ग्रामीण स्वच्छता रैकिंग में बेहतर स्थान पाने की कवायद तेजी पर चल रही है। अफसरों का दावा है कि इस वर्ष ग्रामीण स्वच्छता के क्षेत्र में बहुत ही सकारात्मक कार्य हुए हैं इस लिए रैंकिंग में सुधार अवश्य होगा। लेकिन अधूरी तैयारियों से जमीनी तौर पर यह दावा हवा हवाई लगता है।
जिले में स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए जो प्रश्रोत्तरी अपलोड की गई, वह भले ही अब तक किए गए कार्यों की बानगी बताती हो लेकिन हकीकत में ग्रामीण इलाकों में स्वच्छता की स्थिति काफी खराब है। ओडीएफ बनाने को निर्मित शौचालयों का इस्तेमाल लोग रहने व खाना बनाने के लिए करते हुए अभी भी बड़ी संख्या में शौंच के लिए खुले में जा रहे हैं।
विज्ञापन

जल निकासी प्रबंधन व गांवों में कूड़ा निस्तारण नाम की भी कोई व्यवस्था दिखाई नहीं पड़ती। गांव में बने घूर गड्ढे आज भी प्राचीन व्यवस्थाओं की याद दिलाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि शौचालय तो जरूर बने लेकिन स्वच्छता के नाम पर कोई परिवर्तन देखने को नहीं मिला।
ग्रामीण स्वच्छता रैंकिंग के लिए दो फार्मूले अपनाए जाते हैं। एक फार्मूले के तहत पांच बिंदुओं पर चौदह प्रश्न अपलोड किए जाते हैं। जिनमें प्लानिंग, पंद्रहवें वित्त आयोग द्वारा दिए गए पैसे की उपयोगिता, जागरूकता, क्षमता, उपयोगिता से संबंधित प्रश्न शामिल हैं। दूसरा आम लोगों द्वारा दिए गए आन लाइन सुझाव होते हैं। इसमें व्यक्ति अपने गांव के बारे में फीडबैक देता है।
आम लोगो से लिए गए फीडबैंक में श्रावस्ती जिला पूरे मंडल में दूसरे स्थान पर है। यहां लगातार दिए जा रहे फीडबैक में बहराइच 432187 व्यू पाकर पहले स्थान पर है जबकि श्रावस्ती को 122529, बलरामपुर को 49501, गोंडा को 47408 ऑनलाइन व्यू अब तक मिल चुके हैं।
स्वच्छता रैंकिंग में कई बिंदुओं पर रेटिंग होती है। जिले में इस पर गंभीरता से काम हो रहा है। इसलिए जिले का रिजल्ट बेहतर रहा है और आगे भी और बेहतर रहेगा।
विज्ञापन

आनंद प्रकाश श्रीवास्तव डीपीआरओ
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें