श्रावस्ती। राप्ती नदी के तटीय इलाके में रहने वाले ग्रामीण नदी की बढ़ती कटान के चलते दहशत में है। पहाड़ी इलाकों में हो रही बारिश के कारण नदी का जलस्तर फिर बढ़ने लगा है। राहत की बात यह है कि फिलहाल पानी खतरे के लाल निशान से नीचे बह रहा है।
राप्ती नदी में प्रति वर्ष आने वाली बाढ़ के कारण तटीय इलाके के लोगों को महीनों तक विस्थापित रहने का दंश उठाना पड़ता है। इस वर्ष राप्ती नदी का नया चेहरा तटीय इलाके के लोगों को डरा रहा है. राप्ती नदी विगत कुछ दिनों से चौबीस घंटे के अंदर कई बार खतरे के निशान को पार कर रही है। हालात ऐसे दिखने लगते हैं कि नदी अब सब कुछ तबाह कर देगी, लेकिन कुछ ही घंटो में नदी का जल स्तर पुन: घट कर सामान्य से भी नीचे चला जाता है।
नदी का जल स्तर घटने के बाद भले ही बाढ़ का खतरा तो टल जाता है लेकिन कटान का खतरा बढ़ जाता है। नदी के घटते बढ़त इस जल स्तर से जहां तटीय इलाके मे रहने वाले किसानों को रात दिन नदी का डर बना रहता है। वहीं लगातार हो रही कटान से उनका फसल भी बर्बाद हो रही है। पहाड़ी इलाकों के साथ जिले में रुक रुक कर हो रही बरसात का पानी लगातार राप्ती नदी मे आ रहा है। इस संबंध में जिलाधिकारी टीके शिबु का कहना है कि नदी जल स्तर पर लगातार निगाह रखी जा रही है। सभी एसडीएम व चौकी प्रभारी लगातार इसकी रिपोर्ट कर रहे है।