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खतरे के निशान से 30 सेंमी. ऊपर पहुंची राप्ती

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राप्ती के तेज बहाव के चलते कट रही मधवापुर मार्ग में हो रही कटान को रोकने के लिए ईट डालते कर्मी। - फोटो : SRAWASTI
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श्रावस्ती। राप्ती नदी का जलस्तर लगातार घट बढ़ रहा है। राप्ती बैराज पर नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 30 सेंटीमीटर ऊपर है। घटते बढ़ते जलस्तर के कारण जहां राप्ती ने मधवापुर घाट पर कटान तेज कर दिया है। वहीं इसे देख कछारवासियों की धड़कने तेज हो गई हैं। बढ़े जलस्तर के कारण राप्ती के कछार में बसे कई गांव जलमग्न हो गए हैं। वहीं मार्गों के जलमग्न हो जाने के कारण लोगों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं।
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नेपाल सहित पहाड़ों पर होने वाली बरसात के कारण राप्ती का जलस्तर घट बढ़ रहा है। गुरुवार शाम तीन बजे राप्ती बैराज पर नदी का जलस्तर 128 मीटर मापा गया। जो खतरे के निशान से 30 सेंटीमीटर ऊपर है। जबकि सुबह छह बजे नदी का जलस्तर 127.85 मीटर था। यहां खतरे का निशान 127.70 मीटर है। राप्ती के बढ़े जलस्तर के कारण नदी के कछार में बसे गांवों में खेत पूरी तरह से जलमग्न हो चुके हैं।
वहीं राप्ती की लहरें खेत खलिहान, मार्ग व चकमार्गों को जलमग्न करते हुए गांव में प्रवेश कर रही है। जिससे कई गांव जलमग्न हो गए हैं। वहीं तमाम गांव पानी से घिर जाने के कारण टापू बन चुके हैं। वहां आने जाने के लिए लोगों को छोटी नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। राप्ती के कछार में बसे नरैनापुर व वीरपुर लौकिहा गांव पूरी तरह से जलमग्न हो चुके हैं। यहां बाढ़ के कारण गांव से संपर्क मार्ग पर पानी का तेज बहाव होने से गांव का संपर्क टूट गया है। वहीं लौकिहा, अशरफ नगर, सधई पुरवा, चहलवा, सुल्तानाजोत, सर्रा, उत्तमापुर, जिगरिया, भग्गनपुरवा, ओरीपुरवा, बरंगा, हरिहरपुर, महाराजनगर, मिसिरपुरवा, पिपरहवा, गुरदत्तपुरवा, बरुहा सहित कई अन्य गांव बाढ़ से घिरने के कारण टापू बन गए हैं।
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मधवापुर घाट का कटा ठोकर
जमुनहा (श्रावस्ती)। मल्हीपुर भिनगा मार्ग स्थित राप्ती नदी पर बने मधवापुर पुल के पास राप्ती की लहरें तेजी से कटान कर रही हैं। यहां पुल व पुल के अप्रोच को कटान से बचाने के लिए बनी ठोकर कई मीटर अब तक कट चुकी है। पुल से बंदरवा बाबा कुटी के बीच नदी की लहरें तेजी के साथ कटान कर रही हैं। कटान के चलते बीती रात सड़क के किनारे डाली गई बोरियां व जाल में भरे ईंट के रोड़े बोरी सहित नदी में समाहित हो गई। रात में नदी की कटान के कारण सड़क का आधा हिस्सा कट गया है। यहां लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़क को कटने से बचाने के लिए ईंट के रोड़े डलवाए जा रहे हैं। कटान का यही हाल रहा तो सड़क का अस्तित्व बच पाना मुश्किल होगा। इसके साथ ही नदी कई अन्य गांव में भी संपर्क मार्ग को काट रही है। जिससे ग्रामीणों के सामने आवागमन की समस्या उत्पन्न हो रही है।
सभी तहसीलों में राहत व बचाव कार्य जारी
सभी तहसील व बाढ़ चौकियों को हर स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट है। नदी के घटते बढ़ते जलस्तर पर निगाह रखने व मघवापुर घाट पर हो रही कटान को रोकने का निर्देश दिया जा चुका है। आमजन को परेशानी न हो इसके लिए संबंधित एसडीएम व तहसीलदार अपने स्तर से राहत व बचाव कार्य कर रहे है। -टीके शिबु, जिलाधिकारी
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