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Shravasti News: 226 मरीजों का हुआ इलाज, 125 ने कराई मुफ्त जांच

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संवाद न्यूज एजेंसी
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श्रावस्ती। अमर उजाला, रेडक्रॉस व मेदांता के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को एक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। रेडक्रॉस भवन भिनगा में आयोजित कैंप में मेदांता हाॅस्पिटल लखनऊ से आए न्यूरो व गैस्ट्रो फिजीशियन ने 226 मरीजों का परीक्षण कर उनका इलाज किया। इस मौके पर टोरेंट फार्मास्युटिकल में 112 लोगों के हड्डी की मुफ्त बीएमडी की जांच भी की।
शिविर का शुभारंभ डीएम व इंडियन रेडक्राॅस सोसायटी की अध्यक्ष नेहा प्रकाश ने किया। इस मौके पर उन्होंने रेडक्राॅस सोसायटी व अमर उजाला की इस पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि इसका फायदा हर जरूरतमंद तक जरूर
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पहुंचना चाहिए। इस तरह के कार्य में
सभी प्रमुख संस्थाओं को अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
सीएमओ डा एसपी तिवारी ने कहा कि इस कैंप से जिले के मरीजों को बहुत ही लाभ हो रहा है। इस तरह के आयोजन में स्वास्थ्य विभाग भी अपने स्तर पर हर संभव सहयोग देता है।
शिविर में पहुंचे एडीएम वित्त व राजस्व डीपी सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी आनन्द प्रकाश श्रीवास्तव व एसडीएम भिनगा आशुतोष ने संचालित सुविधाओं को देखा। इस अवसर पर मेदांता से आए गैस्ट्रो विशेषज्ञ डॉ. पारिजात मिश्र व न्यूरो फिजीशियन डॉ. रवि प्रकाश ने करीब 226 मरीजों को परीक्षण कर उन्हें मुफ्त चिकित्सीय सलाह देने के साथ दवाएं भी लिखीं। शिविर में शामिल मेंदाता की टीम में शशांक अग्निहोत्री, दया, प्रियंका राजपूत, प्राची के साथ रेडक्राॅस की ओर से चेयरमैन अरुण कुमार मिश्र,कोषाध्यक्ष रवि कुमार मिश्र, डीडीआरसी के स्टाफ सहयोग में मौजूद रहा।

112 लोगों ने कराया बीएमडी जांच
हड्डी के मजबूती जानने के लिए बीएमडी जांच होती है। इसमें हड्डी की मजबूती को जांचने के लिए बोन मिनरल डेंसिटी डयूअल एनर्जी एक्स रे एब्जापटियोमेट्री डेक्सा मशीन से की जाती है। इस मशीन से हड्डियों के घनत्व यानी डेंसिटी को परखा जाता है। कैंप में 112 लोगों ने यह जांच कराया।
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पहली बार मिली विशेषज्ञ डॉक्टरों की सुविधा
शिविर में इलाज के लिए आए जमुनहा के राम गोपाल ने कहा कि यह पहला मौका था जब यहां के लोगों को विशेषज्ञ डॉक्टरों से इलाज की सुविधा मिली है। भिनगा के सालिग राम ने कहा कि उन्हें न्यूरो से जुड़ी तकलीफ थी। वह इसके इलाज के लिए लखनऊ स्थित मेदांता जाने वाले थे। लेकिन शिविर में वहां के डॉक्टरों के आ जाने से उनका इलाज यही पर आसानी से हो गया। कटरा से आए भोला नाथ अपनी पत्नी को गैस्ट्रो की समस्या से छुटकारा दिलवाने के लिए शिविर में लेकर पहुंचे थे।
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