उत्तर प्रदेश में उन्नाव के डौंडिया खेड़ा में स्वर्ण भंडार दिखाने का बृहस्पतिवार को पूरे दिन नाटक चला। सूर्यास्त से पहले स्वर्ण भंडार दिखाने का दावा करने वाले संत शोभन सरकार और स्वामी ओम जी के फिर सुर बदल गए।
शोभन सरकार ने कहा कि कोई अधिकारी आकर कहे तो दो घंटे में सोना निकलवा दूंगा लेकिन सरकार और अफसरों की नीयत में खोट है।
इधर, 18 अक्तूबर को डौंडिया खेड़ा के राव राम बक्स सिंह के किले में फावड़ा चलाकर खुदाई का शुभारंभ करने वाले डीएम उन्नाव विजय किरन आनंद के स्वर भी बदल रहे हैं। वह निर्णय नहीं ले पा रहे हैं कि संत के पास किसी अधिकारी को भेजें या नहीं।
डीएम ने कहा कि खुदाई एएसआई करा रही है वही जिसे चाहे बुलाए या भेजे उनका काम सिर्फ ला एंड आर्डर मेंटेन कराने का है। जबकि डीएम चाहते तो पूरे प्रकरण का कुछ ही मिनटों में उपसंहार हो सकता था। वहीं, 12वें दिन किला परिसर के प्रथम ब्लाक में खुदाई नहीं सिर्फ सफाई हुई।
संत शोभन सरकार की अनुमति के बाद उनके शिष्य स्वामी ओम ने बुधवार की रात सभी अखबारों को पत्र जारी किया था। पत्र में उन्होंने धनतेरस के एक दिन पहले यानी बृहस्पतिवार को सूर्यास्त के पहले स्वर्ण भंडार दिखाने का दावा किया था।
सुबह से ही मीडिया और लोगों की भीड़ बक्सर आश्रम में जुटने लगी। जब स्वामी ओम से स्वर्ण भंडार दिखाने के संबंध में सवाल किए गए तो वह अपने दावे से पलटने लगे। कहा कि आवेश में आकर दावा तो कर दिया लेकिन बाद में विचार किया कि लोग कहेंगे कि जादूगरी और दृष्टि बंद कर सोना दिखा दिया। इसलिए अब डीएम या एसडीएम आ जाएं तो स्वर्ण भंडार दिखा दिया जाएगा। 10 रुपये के स्टांप पर ही लिखकर दे दिया जाए कि स्वर्ण भंडार मिलने के बाद उसे आरबीआई में पहुंचाया जाएगा।
डौंडिया खेड़ा पहुंचे शोभन सरकार
स्टीमर से बक्सर आने से पहले संत शोभन सरकार डौंडिया खेड़ा किले के पीछे पहुंचे। उन्होंने अपने विशेष स्टीमर से उतर कर गंगा तट पर पूजा-अर्चना की। तकरीबन 20 मिनट ठहरने के बाद वह बक्सर को रवाना हो गए।