रेलवे लाइनों की स्थापना के लिए बजट अवमुक्त कराने की कोशिश करेंगे
शामली। दिल्ली- शामली, सहारनपुर रेलवे मार्ग के विद्युतीकरण कार्य पूरा होने के बाद जिले के आम नागरिक दोहरीकरण की उम्मीदें लगाए बैठे हैं। कैराना लोकसभा क्षेत्र से भाजपा सांसद प्रदीप चौधरी का कहना है कि जल्द ही वह केंद्रीय रेलवे मंत्री अश्वनी वैष्णव से मिलकर दिल्ली- शामली, सहारनपुर रेलवे के दोहरीकरण, मेरठ-पानीपत नई रेलवे लाइन और कैथल- करनाल, शामली मेरठ रेलवे लाइन की स्थापना के लिए बजट अवमुक्त कराने की मांग करेंगे।
दिल्ली- शामली, सहारनपुर रेलवे मार्ग- विद्युतीकरण और दोहरीकरण के लिए वर्ष 2016 के आम बजट में 1500 करोड़, मेरठ- पानीपत नई रेलवे लाइन की स्थापना के लिए 2200 करोड़ रुपये और कैथल- करनाल-शामली और मेरठ रेलवे लाइन के सर्वे की घोषणा की गई थी। दोहरीकरण और विद्युतीकरण का तत्कालीन रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने दिसंबर 2017 में नानौता रेलवे स्टेशन पर आधारशिला रख चुके हैं। हालांकि आधारशिला रखने के चार साल बाद विद्युतीकरण कार्य अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। विद्युतीकरण के तहत करंट छोड़ने के लिए हींड रेलवे स्टेशन के पास 132 केवी बिजली घर कार्य अधूरा है। समझा जा रहा है कि विद्युुतीकरण कार्य नवंबर माह तक पूरा हो जाएगा। दिसंबर माह में दिल्ली- शामली, सहारनपुर रेलवे मार्ग पर इलेक्ट्रिक ट्रेन दौड़ने की संभावना है।
रेलवे निर्माण परियोजना की जानकारी दे सकता है
उत्तर रेलवे के दिल्ली मंडल के डीआरएम डिंपी गर्ग ने बताया कि दिल्ली- शामली, सहारनपुर रेलवे मार्ग के दोहरीकरण और मेरठ- पानीपत और कैथल- करनाल शामली मेरठ नई रेलवे लाइन की स्थापना की जानकारी उनके पास नही है। रेलवे का निर्माण विभाग स्पष्ट कर पाएगा।