शामली। शासन सरकारी स्कूलों में कॉन्वेंट जैसी सुविधाएं देने का दम भरती है, लेकिन हकीकत इससे कोसो दूर है। परिषदीय स्कूलों में बुधवार से वार्षिक परीक्षा शुरू हुई। पहले दिन गणित का पेपर था।
परीक्षा के दौरान जब स्कूलों में जाकर पड़ताल की गई तो चौकाने वाले हकीकत सामने आई। परीक्षा दे रहे विद्यार्थियों के पास ही बस्ते और किताब रखी थी। बच्चे एक दूसरे की कॉपी में झांक रहे थे। कक्ष के बाहर खडंजे पर बिना टाट-पट्टी नीचे बैठकर पेपर देनी पड़ी। संवाद
n प्राथमिक विद्यालय नंबर-7 : प्राथमिक विद्यालय नंबर 7 बुढ़ाना रोड शामली में कक्षा 4 व 5 के बच्चे परीक्षा देते समय उल्टे सीधे बैठे थे। एक दूसरे की कॉपी में झांक रहे थे। उनके स्कूल बैग भी उनके पास रखे थे। बाद में शिक्षक ने उन्हें ठीक तरह से बैठाया। यहां केवल एक ही शिक्षक की तैनाती है।
n प्राथमिक विद्यालय 3 गुजरातियान : स्कूल की सभी कक्षाओं के बच्चे एक कमरे में बैठे थे। कक्षा 4 व 5 के बच्चे पास में ही किताब व बैग रखकर परीक्षा देते मिले। सभी बच्चे ग्रुप बनाकर बैठे थे। पूछने पर प्रधानाध्यापिका डोली ने बताया कि यह अलग-अलग कक्षा के बच्चे हैं।
n जूनियर हाईस्कूल, गुजरातियान : इस स्कूल में कक्षा 6 से 8 के बच्चे एक जगह बैठे थे। पेपर दे रहे बच्चों के पास में ही स्कूल बैग रखे थे। बच्चे एक दूसरे की कॉपी में झांक रहे थे। कक्षा 5 में भी बच्चे उल्टे सीधे बैठै थे, कोई खड़ा होकर इधर-उधर घूम रहा था।