कैराना। शत्रु संपत्ति पर किए जा रहे अनाधिकृत निर्माण पर बृहस्पतिवार को पुलिस प्रशासन ने बुलडोजर चलवाया था। पुलिस ने आरोपियों को शाम तक अवैध निर्माण हटाने की चेतावनी दी थी। चेतावनी के बाद भी शत्रु संपत्ति से अनाधिकृत निर्माण नहीं हटाया गया है।
कैराना नगर के रामड़ा रोड पर करीब 13 बीघा शत्रु संपत्ति है। पिछले कई दिन से शत्रु संपत्ति की भूमि पर मकान का निर्माण किया जा रहा था। मकान पर लिंटर लगाने के लिए सेटरिंग व सरिया डाल दिया था। मामला प्रशासन के संज्ञान में आया तो तहसीलदार प्रियंका जायसवाल नायब तहसीलदार गौरव कुमार राजस्व व पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। जिसके बाद प्रशासन ने शत्रु संपत्ति पर किए जा रहे अनाधिकृत निर्माण को बंद कराते हुए उस पर बुलडोजर चलवा दिया था। इसके अलावा अन्य जगहों पर भी अवैध निर्माण पर बुलडोजर चला था।
बाद में पुलिस प्रशासन ने अवैध निर्माण कर रहे आरोपियों को शाम तक अवैध निर्माण हटाकर भूमि को कब्जा मुक्त करने की चेतावनी दी थी, लेकिन पुलिस प्रशासन की चेतावनी के बाद भी शुक्रवार को शत्रु संपत्ति पर अवैध निर्माण ज्यों का त्यों दिखाई दिया।
मामले में तहसीलदार प्रियंका जायसवाल ने बताया कि मौके पर लेखपाल को भेजा गया था। आरोपियों ने मकान के आसपास डाला गया लिंटर डालने का मैट्रियल तो हटा लिया है। मकान तोड़ने के लिए मजदूरों को छह हजार रुपये में ठेका देने की बात कही है। तहसीलदार ने कहा कि अगर इसके बावजूद अवैध निर्माण नहीं हटाया जाता है, तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पीएम आवास योजना में लाभार्थियों को अपात्र मानकर काटे थे नाम
बताया गया कि रामड़ा रोड पर मौजूद शत्रु संपत्ति पर प्लाट खरीदने वाले लोगों ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान बनवाने के लिए डूडा विभाग में आवेदन किए थे। जिसके बाद डूडा विभाग की टीम ने सर्वे किया तो लोगों के प्लाट के बैनामे शत्रु संपत्ति पर पाए गए थे। डूडा विभाग की ओर से ऐसे लोगों को अपात्र मानते हुए उनके नाम काट दिए थे।