शामली। जिले में समाज कल्याण विभाग ने जिंदा होने के बावजूद कई वृद्ध और विधवाओं को रिकॉर्ड में मृत दर्शा दिया गया, जिसके चलते उनकी पेंशन रुक गई। पिछले चार माह से पात्र लाभार्थी अपनी पेंशन के लिए विभागीय अधिकारियों के चक्कर काटने के लिए मजबूर हैं, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हो सका है।
मृतकों के खातों में जा रही थी पेंशन : पिछले दिनों विभाग ने जिले भर में पेंशनधारकों का सत्यापन कराया था। शहरी क्षेत्रों में लेखपालों और ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायत सचिवों को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। सत्यापन के दौरान 565 ऐसे लाभार्थी पाए गए थे, जिनकी मृत्यु हो चुकी है, लेकिन उनके खातों में पेंशन भेजी जा रही थी। इनमें 237 महिला और 328 पुरुष पेंशनधारक शामिल थे। इसके अलावा 22 लाभार्थियों का कोई पता नहीं चल सका था। विभाग ने अधिकतर मामलों में रिकवरी करा ली है, जबकि 50 से अधिक लोगों को रिकवरी के नोटिस भी जारी किए गए हैं।
परिजन नहीं देते सूचना : समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि हर साल पेंशनधारकों का सत्यापन कराया जाता है, लेकिन कई बार परिजन मृत्यु की सूचना विभाग को नहीं देते। इसी कारण मृत लाभार्थियों के खातों में पेंशन जाती रहती है।