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UP News: शामली में कुट्टू की पकौड़ी खाने से परिवार के पांच सदस्य बीमार, बागपत में छह लोगों की हालत बिगड़ी

Tue, 08 Oct 2024 09:02 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, शामली

सार

बीमार लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इन लोगों को उल्टी, पेट दर्द और चक्कर आने की शिकायत रही। 
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शामली के अस्पताल में भर्ती बीमार लोग। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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शामली के दयानंद नगर मोहल्ले में कुट्टू के आटे की पकौड़ी खाने से मंगलवार तड़के एक ही परिवार के पांच सदस्यों की हालत बिगड़ गई। इन्हें सीएचसी में भर्ती कराया गया, जहां से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। 
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दयानंद नगर के रहने वाले ओमपाल सिंह ने बताया कि वह सोमवार शाम शामली के बाजार से कुट्टू का आटा लेकर आए थे। परिवार में व्रत के कारण सभी ने कुट्टू की पकौड़ी खाई। मंगलवार को तड़के करीब 4 बजे अचानक ही उन्हें चक्कर आने शुरू हो गए। पत्नी राखी, बेटी शिवानी, आरती, अंकुश ने भी चक्कर आने की शिकायत की। सभी को सीएचसी ले जाया गया। 
 

खाद्य विभाग के सहायक आयुक्त खाद्य ग्रेड 2 पंकज कुमार ने बताया कि कूट्टू के आटे में अरारोट, किनकी और काला रंग मिलाया जाता है। वहीं सिंघाड़े के आटे में चावल की भूसी, अरारोट मिलाया जाता है। पुराना आटा होने पर एफलाटॉक्सिन फंगस आटे में लग जाता है, जिससे फूड प्वाइजनिंग की शिकायत होने लगती है। एफलाटॉक्सिन एक विषाक्त पदार्थ है, जो फंगस से पैदा होता है।

उल्टी की हुई थी शिकायत, विक्रेता का नहीं लगा पता
खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जांच में पता चला है कि परिवार के सदस्यों को उल्टी की शिकायत हुई थी। जिस दुकानदार से आटा खरीदने की बात परिवार के सदस्यों ने बताई है, उसने आटा बेचने से ही इंकार कर दिया। चौलाई के लड्डू, किशमिश के सैंपल लिए गए हैं। 
 

साबुत कुट्टू या सिंगाड़ा खरीद लें
खाद्य विभाग के सहायक आयुक्त के अनुसार अधिक पुराने कुट्टू के आटे के सेवन से बीमार होने की आशंका अधिक रहती है। इसलिए लोगों को चाहिए कि वह साबुत कुट्टू या फिर सिंगाड़े का आटा खरीद लें। घर पर उसे पीसकर सेवन करें। 
 

रटौल के अस्पताल में भर्ती नसीब। - फोटो : अमर उजाला
बागपत : रटौल में विषाक्त भोजन से छह लोगों की हालत बिगड़ी
रटौल के भागौट गांव के एक ईंट भट्ठे पर काम करने वाले परिवार के छह लोगों की मंगलवार को विषाक्त भोजन से हालत बिगड़ गई। बीमार लोगों को रटौल के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया।

पेट पकड़कर लेटा सुभान। - फोटो : अमर उजाला
लोनी निवासी नसीम अपने परिवार के साथ भागौट गांव के ईंट भट्ठे पर मजदूरी करता है।

अस्पताल में भर्ती सानिया। - फोटो : अमर उजाला
उसने बताया कि वह सोमवार शाम चिरौड़ी गाजियाबाद से एक दुकान से 10 किलो गेहूं का आटा लेकर आया था।

अस्पताल में भर्ती शाहीन। - फोटो : अमर उजाला
खाना खाने के कुछ देर बाद उसके व परिवार के लोगों के पेट में दर्द के साथ उल्टी व चक्कर आने शुरू हो गए।
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अस्पताल में भर्ती गुलफ्शा। - फोटो : अमर उजाला
परिजनों ने उन्हें रटौल कस्बे में एक अस्पताल में भर्ती कराया। नसीम के अलावा उसके बेटे सुभान, बेटी गुल्सफा, शाहीन के अलावा जोया और सानिया की हालत बिगड़ गई। बताया कि आटे से दुर्गंध आ रही है।
 
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