जुल्मों से सत्य को कभी नहीं हराया जा सकता: सतेंद्र तोमर
भाजपा ने आपातकाल लागू किए जाने की बरसी काला दिवस के रूप में मनाई
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। भाजपा कार्यालय पर 25 जून 1975 के आपातकाल लागू किए जाने की बरसी काला दिवस के रूप में मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाध्यक्ष सतेंद्र तोमर, मुख्य वक्ता क्षेत्रीय उपाध्यक्ष मयंक अग्रवाल, पूर्व विधायक तेजेंद्र निर्वाल, पूर्व जिलाध्यक्ष रामजीलाल कश्यप, पवन तरार, जिला महामंत्री पुनीत द्विवेदी, राजेंद्र सिंह व दामोदर सैनी ने भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण कर किया।
इस अवसर पर मुख्य वक्ता मयंक अग्रवाल ने कहा कि देश में 1975 का आपातकाल नई राजनीतिक क्रांति का वाहक बना। कांग्रेस ने आपातकाल के जरिए राजनीतिक उत्पीड़न के साथ-साथ देश के राजनीतिक ताने-बाने को छिन्न-भिन्न कर दिया था। जिसका जवाब देश की जनता ने उस समय चुनाव में अपने वोट से कांग्रेस को परास्त करके दिया। पूर्व विधायक तेजेंद्र निर्वाल ने कहा कि आज भाजपा 18 से अधिक राज्यों में सरकारों के साथ काबिज है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दूसरा कार्यकाल है। वर्तमान राजनीतिक परिस्थिति के पीछे संगठन के कई तपस्वी और मनीषियों का बलिदान कार्य कर रहा है। उन पर जिस प्रकार से आपातकाल में जुल्म किए गए। वह हम सबके समक्ष हैं। शायद उन जुल्मों से प्रेरणा पाकर भाजपा ने आज देश की विचारधारा बनकर एक नए भारत की राजनीतिक व्यवस्था देश में स्थापित की है।
कार्यक्रम के अंत में जिलाध्यक्ष सत्येंद्र तोमर ने कहा कि जुल्मों से कभी भी सच को हराया नहीं जा सकता। आपातकाल को देश की जनता ने सिरे से नकार दिया। यह सत्य की जीत थी। कार्यक्रम संचालन जिला महामंत्री पुनीत द्विवेदी ने किया। कार्यक्रम में आपातकाल के राजनीतिक संस्मरण आचार्य सुरेश चंद शर्मा व अमित गोयल ने साझा किए। कार्यक्रम संयोजक मानस संगल, अनुज राणा, डॉ. अनुराग शर्मा, विवेक प्रेमी, घनश्याम पार्चा, सुधा तोमर, गोपाल चौहान, कुसुमलता पाल, शशि अरोरा, उमेश खुरगान, ओम प्रकाश, ऋषिपाल फौजी, रविंद्र राणा, भूपेंद्र चौधरी, डॉ. रश्मिकांत जैन उपस्थित रहे।