शामली । ग्राम प्रधानों और ग्राम पंचायत का आरक्षण अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग और महिलाओं की जनसंख्या के आधार पर घोषित होगा। जनसंख्या के आधार पर घोषित होने वाले आरक्षण पिछड़ा वर्ग के लोगों को लाभ मिलने की संभावना है। ग्राम प्रधानों और ग्राम पंचायत सदस्यों के आरक्षण के लिए पंचायत निदेशालय लखनऊ में डीपीआरओ को प्रशिक्षण दिया।
उत्तर प्रदेश शासन ने ग्राम प्रधानों और ग्राम पंचायत सदस्यों के आरक्षण के संबंध में नई आरक्षण नीति को जिला मुख्यालय के लिए जारी किया। नये आरक्षण नीति में 22 से 25 सितंबर तक आरक्षण सूची को जारी होगी। बाद में ग्राम प्रधानों के आरक्षण पर आपत्तियां मांगी जाएगी। उत्तर प्रदेश शासन के प्रमुख सचिव चंचल कुमार तिवारी ने ग्राम प्रधानों और ग्राम पंचायत सदस्य के आरक्षण नियमावली जारी कर कहा हर जनपद में नई ग्राम पंचायतों का गठन हो गया है।
इसलिए चक्राक्रम अनुसार आरक्षण जारी करने में कठिनाई आ रही है। इसलिए नवीन शासनादेश के अनुसार प्रत्येक ग्राम पंचायतों में चक्रानुक्रम को ध्यान में न रखकर ग्राम प्रधानों और ग्राम पंचायत सदस्यों का नया आरक्षण घोषित होगा।
ग्राम प्रधानों और ग्राम पंचायत सदस्य के नये आरक्षण फार्मूला के अनुसार अनुसूचित जाति, अनुसूचित जन जाति, पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या का आधार मानकर घोषित होगा। अनुसूचित जाति को 21 प्रतिशत, पिछड़ी जाति को 27 प्रतिशत महिलाओं को एक तिहाई यानि 1/3 को ध्यान में रखा जाएगा। सीडीओ विनोद कुमार सिंह ने बताया 22 से 25 सितंबर को प्रधानों के आरक्षण की सूची घोषित होगी। उन्होंने बताया शनिवार को पंचायत निदेशालय में प्रधानों के आरक्षण के संबंध में डीपीआरओ महेंद्र सिंह को प्रशिक्षण दिया।