शामली। मुजफ्फरनगर में होने वाली किसान महापंचायत में शामिल होने के लिए गठवाला खाप के थांबेदारों की पंचायत टल गई है। हरियाणा और यूपी गठवाला खाप के चौधरियों ने कहा कि पांच सितंबर की पंचायत में जो जाना चाहता है, वह जो सकता है, मगर इसे खाप का फरमान न समझें।
गठवाला खाप हरियाणा के चौधरी बाबा बलजीत सिंह का कहना है कि वह किसान समर्थक हैं। उन्होंने हरियाणा में खाप के चौधरियों को खुली छूट दे रखी है कि किसान संयुक्त मोर्चा की पांच सितंबर को मुजफ्फरनगर में होने वाली किसान महापंचायत मेें जाना चाहते हैं, तो वह जा सकते हैं, मगर यूपी गठवाला खाप के चौधरियों को यह निर्देश दिए हैं कि वह खाप के सभी थांबेदारों के साथ बैठकर निर्णय कर लें। पंचायत में जाने का अधिकार गठवाला खाप के चौधरी और थांबेदार को है।
हरियाणा खाप के चौधरी के कहने के बाद यूपी गठवाला खाप के चौधरी राजेंद्र सिंह मलिक ने साफ कर दिया है कि अब समय अभाव के कारण थांबेदारों की पंचायत नहीं होगी। खाप का जो व्यक्ति पंचायत में जाना चाहता है, वह जा सकता है। मंगलवार को गठवाला खाप हरियाणा के चौधरी बाबा बलजीत सिंह ने फोन पर बताया कि वह बुखार से पीड़ित है। वह बुुखार होने से गठवाला खाप की कुड़ाना पंचायत में शामिल नहीं हुुए है। उनका कहना है कि सामाजिक दायित्व है कि भाईचारा आपस में बना रहे।
उधर गठवाला खाप यूपी के 52 गांव के चौधरी राजेंद्र सिंह लिसाढ़ ने कहा कि समय के अभाव में खाप चौधरियों की पंचायत नहीं होगी। गठवाला खाप का कोई भी व्यक्ति पांच सितंबर की किसान पंचायत में जाना चाहता है, वह पंचायत में जाए। किंतु गठवाला खाप की ओर से मुजफ्फरनगर में होने वाली पंचायत के लिए कोई घोषणा नहीं की है।