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थाने के लिए आवंटित भूमि कब्जाई, पुलिस कुछ न कर पाई

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गढ़ीपुख्ता थाने के लिए दी गई जमीन। - फोटो : SHAMLI
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गढ़ीपुख्ता। प्रदेश भर में सरकारी भूमि से अवैध कब्जे हटाए जा रहे हैं, लेकिन गढ़ीपुख्ता में थाने के लिए आवंटित भूमि पुलिस कब्जामुक्त नहीं करा पा रही है। न्यायालय में लचर पैरोकारी से यह मामला अधर में लटका हुआ है। थाने में कई अधिकारी आए और चले गए, लेकिन किसी ने भी न्यायालय में ठोस पैरवी नहीं की।
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गढ़ीपुख्ता थाना 2002 से ग्राम पंचायत के टंकी परिसर स्थित मात्र दो कमरों में ही संचालित किया जा रहा है। जिसके कारण पुलिसकर्मियों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वर्ष 1980 में गढ़ीपुख्ता की अग्रवाल धर्मशाला में चल रही पुलिस चौकी को थाने का दर्जा दिया गया था, लेकिन 2002 में समिति सदस्यों ने धर्मशाला में बरातघर का निर्माण करने की बात कहकर जगह खाली करा ली थी। जिसके बाद थाना नगर पंचायत टंकी परिसर में स्थानांतरित कर दिया गया था, जहां मात्र दो कमरों में ही पुलिसकर्मी अपना काम निपटाते आ रहे हैं।
इसी वर्ष गांव राझड़ के पूर्व प्रधान भूपेश कुमार ने ग्राम सभा की 0.40 हजार हेक्टेयर भूमि थाने के लिए आवंटित कर दी थी, लेकिन कस्बे के ही एक व्यक्ति का इस भूमि पर पहले से ही कब्जा था। पुलिस ने जमीन से कब्जा हटवाने के लिए काफी प्रयास किया, लेकिन कब्जाधारक न्यायालय में चला गया।
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वर्ष 2007 में गढ़ीपुख्ता पुलिस ने इस भूमि पर थाने का बोर्ड भी लगा दिया। जिसके बाद वह कोर्ट से स्टे ले आया। तभी से यह मामला खटाई में पड़ा हुआ है। इस दौरान थाने में कई अधिकारी आए और चले गए, लेकिन किसी भी अधिकारी ने न्यायालय में ठोस पैरोकारी नहीं की। जिसके कारण इस मामले में अभी तक कोई फैसला नहीं आया है।
थाना प्रभारी ने नायब तहसीलदार ऊन सचिन वर्मा से इस भूमि को पैमाइश कराकर कब्जा मुक्त कराने का आग्रह किया। जिस पर नायब तहसीलदार ने बताया कि इस भूमि का कोर्ट में मामला चल रहा है। थाना प्रभारी कर्मवीर सिंह ने बताया कि जानकारी मिली है कि राझड़ पेट्रोल पंप के पास थाने के लिए भूमि आवंटित है। जिस पर कोर्ट में विवाद चल रहा है। जल्द ही इसकी पैरवी कर थाना की भूमि को कब्जा कराकर आगे की कार्रवाई कराएंगे।
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