शामली। लोगों को ठगने के उद्देश्य से जालसाजों ने सोशल मीडिया पर एआरटीओ शामली के नाम से फर्जी आईडी तैयार कर दी। लोगों के पास लगातार फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी जा रही है। पता चलने पर परिवहन विभाग के अधिकारियों में खलबली मच गई। अधिकारियों ने लोगों से विभाग की अधिकृत साइट पर ही संपर्क करने की की अपील की है।
17 जनवरी को जालसाजों ने हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के लिए फर्जी वेबसाइट तैयार की थी। विभागीय अधकारियों ने उक्त फर्जी वेबसाइट को बंद कराने के लिए अधिकारियों को पत्र भेजा था।अब जालसाजों ने लोगों को ठगने, भ्रमित करने के उद्देश्य से एआरटीओ शामली के नाम से फर्जी फेसबुक आईडी तैयार की है, जिस पर शामली के नए एआरटीओ कार्यालय का जहां फोटो लगाया गया है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश सरकार परिवहन विभाग का फोटो भी लगाया गया है। जन्मदिन 13 दिसंबर 1991 फीड किया गया है। आईडी के माध्यम से अब तक साढ़े चार हजार लोगों को जोड़ा जा चुका है।
आशंका है कि लोगों को ठगने के उद्देश्य से ही आईडी को बनाया गया है। एआरटीओ रोहित राजपूत का कहना है कि कुछ लोगों ने फेक आईडी की शिकायत की है। मामले की जांच की जा रही है। हालांकि, अभी तक किसी के साथ भी ठगी की बात सामने नहीं आई है। लोगों से अपील है कि फेसबुक, इंस्टा और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर बनाई गई, विभाग की ऑफिशियल वेबसाइट को ही प्रयोग करें।
एआरटीओ के अनुसार, एआरटीओ शामली की ऑफिशियल आईडी में 9 हजार 800 फ्रेंड जुड चुके हैं जबकि इस आईडी को प्रतिदिन यातायात नियमों के बारे में जानकारी देकर अपडेट भी किया जा रहा है।आईडी पर प्रतिदिन चार से पांच पोस्ट शेयर की जाती है। साथ ही शिकायतों का तरीका भी लोगों को बताया जा रहा है।