फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Shamli News: आयोग ने इंश्योरेंस कंपनी को प्रीमियम की राशि ब्याज समेत अदा करने का दिया आदेश

विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

शामली। न्यायालय जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग शामली ने इंश्योरेंस कंपनी को पॉलिसी के नाम पर प्रीमियम की धनराशि हड़पने के मामले में सुनवाई की। आयोग ने इंश्योरेंस कंपनी को प्रीमियम की जमा राशि नौ प्रतिशत साधारण ब्याज समेत अदा करने और परिवाद व्यय दस हजार रुपये अदा करने का आदेश सुनाया।
गांव ताजपुर सिंभालका निवासी पूर्व सैनिक देवेंद्र कुमार ने आयोग में 19 फरवरी 2020 में इंश्याेरेंस एजेंट मोनिका निवासी अंबाला हरियाणा, मैनेजर कोटक लाइफ चंडीगढ़, मैनेजर कोटक लाइफ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड रामगढ़ी मेरठ और चीफ मैनेजर सेंट्रल प्रोसेसिंग सेंटर कोटक महिंद्रा लाइफ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड बांद्रा ईस्ट मुंबई के विरुद्ध परिवाद दायर कराया।
विज्ञापन

परिवादी ने बताया कि उस समय उसका पुत्र कक्षा चार में पढ़ रहा था। विपक्षी ने उसके मोबाइल नंबर पर कॉल कर बताया कि उन्होंने उनके पुत्र से बात की तो वह तीव्र बुद्धि और होशियार है। बच्चे के भविष्य के लिए बीमा कराने के लिए कहा, जिसमें वे बेटे का समय-समय पर दिमागी प्रशिक्षण करते रहेंगे। इसके लिए उन्हें 29 सितंबर 2017 को एक होटल में बुलाकर पॉलिसी के बारे में बताया कि 51,600 रुपये पांच वर्ष तक जमा करो। पांच वर्ष बाद कुल जमा राशि का 25 प्रतिशत वार्षिक दर से ब्याज सहित संपूर्ण धनराशि मिल जाएगी और प्रति वर्ष दो बार पुत्र की मुफ्त में दिमागी और शारीरिक परीक्षण किया जाएगा। यदि बच्चे को किसी प्रकार की शारीरिक कमी पाई जाती है तो पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज कराया जाएगा।
परिवादी ने 51600 रुपये का ड्राफ्ट देकर कोटक महिंद्रा लाइफ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड से पॉलिसी करा ली, लेकिन उन्हें पॉलिसी बांड की असल प्रति उपलब्ध नहीं कराई। इसके लिए पानीपत, मेरठ व करनाल कई बार गया। इसके बाद डाक से डुप्लीकेट बांड प्राप्त हुआ, लेकिन पूर्व में जो बातें बताई गई थी, बांड में उसके विपरीत लिखा था। परिवादी का कहना है कि उसने मेरठ लेकर मुंबई ऑफिस तक भगदौड़ की और उसे पॉलिसी हर हाल में चलाने का दबाव बनाते हुए 51600 रुपये 24 वर्ष तक जमा करने के लिए कहा गया।
विज्ञापन

आयोग के अध्यक्ष हेमंत कुमार गुप्ता ने परिवाद पर सुनवाई करते हुए विपक्षी को आदेशित किया कि वह परिवादी द्वारा विवादित पॉलिसी के प्रीमियम की धनराशि 51600 मय नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज विपक्षी द्वारा प्राप्त किए जाने की तिथि से भुगतान किए जाने की तिथि तक, परिवाद व्यय 10 हजार रुपये परिवादी को अदा करने के लिए इस आयोग में जमा करें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें