फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Shamli News: देर रात में यमुना का जलस्तर खतरे के निशान को पार करने की आशंका

विज्ञापन
कैराना में खतरे के निशान की और बढती यमुना नदी-संवाद
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

कैराना। हथिनीकुंड बैराज से यमुना नदी में अधिकतम 3.29 लाख क्यूसेक पानी प्रति सेकंड छोड़ा गया। इसके चलते कैराना में यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान 231.5 मीटर की ओर बढ़ रहा है। इससे खादर के लोगों की चिंता बढ़ गई है। प्रशासन की ओर से हाईअलर्ट जारी किया गया है। देर रात तक जलस्तर खतरे के निशान को पार करने की आशंका भी जताई गई है।
पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण हथिनीकुंड बैराज से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है, जिसके चलते यमुना नदी के जलस्तर में उफान देखने को मिल रहा है। सोमवार सुबह आठ बजे पहाड़ों पर 42 एमएम बारिश हुई। हथिनीकुंड बैराज पर पानी का अधिक दबाव होने से हथिनीकुंड बैराज के सभी गेट खोल दिए गए। सोमवार सुबह नौ बजे हथिनीकुंड बैराज से अधिकतम तीन लाख 29 हजार 313 क्यूसेक पानी प्रति सेकंड छोड़ा गया है, जिसके बाद जलस्तर में तेजी के साथ वृद्धि हो रही है।
विज्ञापन

रविवार को यमुना नदी का जलस्तर 229.95 मीटर होने के बाद सोमवार सुबह आठ बजे जलस्तर 230 मीटर होने के बाद शाम चार बजे 230.5 मीटर पर पहुंच गया। जबकि शाम सात बजे जलस्तर 230.8 मीटर पर दर्ज किया गया। यमुना नदी का चेतावनी बिंदु 230 मीटर व खतरे का निशान 231.5 मीटर पर है। प्रशासन की ओर से यमुना नदी के किनारे बसे गांवों में रहने वाले लोगों और खेतों में काम करने वाले किसानों से सतर्क रहने की अपील की है। बाढ़ चौकियों को भी अलर्ट किया गया है। लोगों को चिंता सता रही है कि यमुना का बढ़ता जलस्तर भारी नुकसान का कारण बन सकता है। देर रात तक जलस्तर खतरे के निशान 231.5 मीटर को पार कर सकता है।
तहसीलदार अर्जुन सिंह चौहान का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। बाढ़ नियंत्रण चौकियों पर तैनात कर्मचारियों के साथ ही लेखपालों को क्षेत्र में अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं।
n मामौर के पास यमुना तटबंध में आई दरारें : कई दिन से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश व यमुना में उफान के कारण मामौर के पास यमुना तटबंध में कई जगह दरारें आ गईं हैं।
विज्ञापन

मामौर निवासी महताब, नूरदीन, साजिद आदि का कहना है कि 2013 में आठ लाख क्यूसेक पानी आने के बाद मवी के पास से तटबंध बाढ़ के पानी में टूट कर बह गया था। इसी प्रकार तटबंध में दरारें आनी शुरू हो गई है। प्रशासन को तटबंध की मरम्मत करानी चाहिए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें