शामली के मेरठ करनाल हाईवे पर सिमालखा गांव के पास लगे कोल्हू की चिमनी से निकलता धुआं।
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कोल्हुओं की चिमनियां उगल रहीं धुआं
शामली। एनसीआर क्षेत्र में बढ़ते प्रदूषण पर एनजीटी सख्त है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने भट्ठों पर एक करोड़ जुर्माना लगाया है और तीन इकाइयों को नोटिस जारी किए हैं। मगर जिले में जगह-जगह लगे कोल्हुओं की चिमनियां काला धुआं उगलकर वातावरण को और दूषित कर रही हैं। जो लोगों के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकती है, लेकिन इस तरफ किसी का ध्यान नहीं है।
मेरठ करनाल हाईवे पर स्थित सिमालखा गांव से लिसाढ़ मोड़ तक करीब छह किमी दायरे में करीब छह कोल्हू लगे हैं। इनमें से पांच पर रविवार को काम तेजी से चल रहा था। चिमनियों से धुआं निकल रहा था। दो कोल्हुओं की चिमनियां तो बेहद काला धुआं उगल रही थी जिससे वातावरण पूरा प्रदूषित हो रहा था। कोल्हुुुओं पर ईंधन के रुप में गन्ने की सूखी हुई पत्तियों को जलाया गया था। हालांकि कोल्हू वालों ने बताया कि इन्हें जलाने से स्वास्थ्य पर कोई नुकसान नहीं होता। यही हाल भैंसवाल गांव में चल रहे एक कोल्हू का था। यहां भी चिमनियों से निकल रहा धुआं वातावरण को दूषित कर रहा था। मोटे अनुमान के तौर पर जिले भर में इस तरह के सैकड़ों कोल्हू जगह जगह चल रहे हैं। जाहिर है कि इनसे भी माहौल प्रदूषित हो रहा होगा।