कैराना/चौसाना (शामली)। यमुना नदी के पानी में फसलें डूबने और नुकसान की भरपाई के लिए कैराना तहसील के राजस्व और सर्वे टीम मिलकर जांच करेंगी और इसकी रिपोर्ट एसडीएम कैराना को सौंपेंगी। एसडीएम डीएम को जांच रिपोर्ट भेजकर किसानों के लिए मुआवजा की मांग करेंगे।
बृहस्पतिवार को यमुना का जलस्तर खतरे के चेतावनी बिंदु की ओर बढ़ रहा था। पिछले दो दिनों से हथिनी कुंड बैराज से यमुना में एक लाख 59 हजार क्यूसेक पानी छोड़ने के बाद शुक्रवार की सुबह यमुना का जलस्तर 2.10 मीटर बढ़ गया था, जिससे कैराना, बिड़ौली और चौसाना क्षेत्रों के आसपास के गांवों के किसानों की गन्ना, धान, मिर्च, गोभी और ज्वार की सैकडों बीघा फसल जलमग्न हो गई थी। बाढ़ के पानी के कारण कैराना क्षेत्र के मंडावर, बसेड़ा, पठेड़, खुरगान, नगला राई, रामड़ा, मामौर आदि गांवों में हजारों बीघा फसल डूब गई।
कैराना तहसीलदार राजकुमार भारती ने बताया कि यमुना के पानी से फसलों को हुए नुकसान को सर्वे करने के लिए हलका लेखपाल व चकबंदी की 10 सदस्य टीम गठित कर दी गई है। बारिश व यमुना के पानी के कारण फसलों के नुकसान को सर्वे करने का कार्य दिया गया है। रिपोर्ट आने पर मुआवजे के लिए डीएम को रिपोर्ट भेजी जाएगी। उधर ऊन तहसील की एसडीएम मनी अरोरा ने बताया कि यमुना किनारे गांवों के किसानों की भूमि सर्वे टीम के तहत आती है। कैराना तहसील की सर्वे टीम कैराना के साथ साथ ऊन तहसील के किसानो की जलमग्न भूमि की जांच करके एसडीएम कैराना उद्भव त्रिपाठी को भेजेगी। कैराना एसडीएम दोनों तहसीलो के किसानों की मुआवजा की रिपोर्ट डीएम जसजीत कौर को भेजेंगे।
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सुबह बढ़ा यमुना का जलस्तर, शाम को घटा
कैराना/चौसाना। शुक्रवार सुबह यमुना का जलस्तर 2.10 मीटर बढ़ा और शाम के समय 45 सेमी पानी कम होने से यमुना किनारे आसपास के किसानों ने राहत की सांस ली। शुक्रवार को सुबह आठ बजे हथिनीकुंड बैैराज से 33 हजार क्यूसेक पानी छोड़ दिए जाने के बाद कैराना में यमुना ब्रिज पर जलस्तर 230.40 मीटर दर्ज किया गया था। शाम के चार और पांच बजे के बाद कैराना में यमुना का जलस्तर 229.95 मीटर दर्ज किया गया। ाम के पांच बजे हथिनी कुंड बैराज से 29 हजार 172 हजार क्यूूसेक पानी छोड़ा गया। शाम के समय यमुना का जलस्तर घटने के बाद जिले के भड़ी, साल्हापुर, मंगलौरा, नाई नगला, ऊदपुर के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। कैराना तहसीलदार राजकुमार भारती ने बताया कि यमुना का जलस्तर कम होने लगा है। हथिनीकुंड बैराज पर भी पानी का दबाव कम हो गया है। संवाद