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UP: पाकिस्तान के पंजाब प्रांत भेजे जा रहे वारिस के सम्मन

Wed, 25 May 2022 10:44 AM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शामली
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पाकिस्तान निवसी वारिस - फोटो : amar ujala
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शामलीमें रह रहे पाक नागरिक वारिस उर्फ राजा के नाम कोर्ट से पाकिस्तान के अधूरे पते पर सम्मन जारी हो रहे हैं। पुलिस यह सम्मन कैसे तामील करा रही है, यह भी बड़ा सवाल है। पुलिस के अधिकारी इस मामले में पूरी तरह चुप्पी साधे हुए हैं।
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पाकिस्तान के वजीराबाद निवासी वारिस वर्ष 2000 में शामली के जौला (वर्तमान में मुजफ्फरनगर जिले में) तीन साथियों के साथ गिरफ्तार किया था। इन तीनों पर पुलिस ने आरोप लगाए कि वह अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादी है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक उनके पास से गोला-बारूद भी बरामद हुआ। पुलिस ने उनके खिलाफ बिना वैध कागजात के भारत में घुसने का भी केस दर्ज किया था।

विदेशी अधिनियम, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और पासपोर्ट एक्ट में वारिस को सजा सुनाई गई। लेकिन इन केसों की सजा पूरी करने के बाद उन्हें देश के खिलाफ आतंकी साजिश रचने के आरोप में 2017 में निचली अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई।
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इस दौरान उनके दोस्त के दो साथी छूट गए, लेकिन अशफाक उर्फ नन्हे मियां को आगरा सेंट्रल जेल भेज दिया गया। वारिस को बरेली सेंट्रल जेल में उम्रकैद की सजा भुगतने के लिए भेज दिया गया। 2019 में वारिस ने हाईकोर्ट में अपील की।

हाईकोर्ट ने कि विदेशी नागरिक के खिलाफ केस चलाने के लिए राज्य सरकार की अनुमति नहीं ली गई। पुलिस ने यह औपचारिकता पूरी करे बिना ही वारिस के खिलाफ मुकदमा चलाया। हाईकोर्ट ने पूरी प्रक्रिया को नियम विरुद्ध मानते हुए वारिस की उम्रकैद की सजा खारिज कर दी और उसे पुलिस के सुपुर्द कर दिया।

क्या पाकिस्तान जाकर सम्मन तामील करा रही कांधला पुलिस
राज्य सरकार की अनुमति के बिना दर्ज मुकदमा खारिज होने पर पुलिस को अपनी गलती का अहसास हुआ। जिसके बाद सरकार से अनुमति लेकर 5 अगस्त 2021 को फिर से मुकदमा दर्ज किया गया। जिसमें अभी तक 4 तारीख लग चुकी हैं। अगली सुनवाई के लिए 30 जून 2022 की तारीख है। वारिस के नाम जारी सम्मन पर सिर्फ पते के स्थान पर पंजाब प्रांत लिखा है। इसके अलावा कोई पता अंकित नहीं है। जाहिर बात है कि कांधला पुलिस पाकिस्तान जाकर तो सम्मन तामील कराने वाली नहीं है।
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