शामली। यूपी बोर्ड हाईस्कूल और इंटर परीक्षा 2020 का रिजल्ट शनिवार को घोषित होना प्रस्तावित है। जनपद में हाईस्कूल में 13825 और इंटर की यूपी बोर्ड परीक्षा में 11704 यानि कुल 25529 विद्यार्थी पंजीकृत रहे। यूपी बोर्ड रिजल्ट को लेकर विद्यार्थियों में उत्सुकता और खुशी के माहौल के बीच मन में एक अनजाना सा डर बना रहता है कि पता नहीं रिजल्ट कैसा होगा। उम्मीद के मुताबिक अंक मिलेंगे या नहीं। कहीं दोस्तों से कम अंक तो नहीं रह जाएंगे। इस तरह के सवालों को लेकर विद्यार्थियों को किसी भी तरह से परेशान होने की जरूरत नहीं है। बोर्ड की परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थी धैर्य और संयम बरतें। जो भी अंक मिलें, उससे संतुष्ट हो। अगर लग रहा है कि कम अंक आए हैं तो भविष्य में और अच्छे अंक लाने के लिए मेहनत से पढ़ाई करें। रिजल्ट से कतई निराश होने की जरूरत नहीं है और न ही मन में किसी तरह के नकारात्मक भाव आने दे और सकारात्मक सोच पैदा करें। अभिभावक भी रिजल्ट को लेकर बच्चों पर किसी तरह का दबाव न बनाए और उनसे निराशाजनक बात न कर उनका आगे की तैयारी के लिए हौसला बढ़ाएं।
एक रिजल्ट जीवन का भविष्य को तय नहीं करता
किसी भी एक रिजल्ट से जिंदगी का भविष्य तय नहीं होता। ट्रायल जीवन का एक हिस्सा है। कुछ बच्चों में रिजल्ट आने से पहले मन में घबराहट रहती है। मन में रहता है कि पता नहीं रिजल्ट कैसा होगा। अच्छी रैंक आएगी या नहीं। इस तरह की बातें मन में नहीं आने देनी चाहिए क्योंकि रिजल्ट तो जो है, वह तैयार हो चुका है। इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है। जीवन में आगे बढ़ने के बहुत मौके आते है। उनकी तैयारी करें। किसी बच्चे के मन में कोई गलत विचार आ रहा है तो वह अपने माता-पिता से या दोस्तों को जरूर बताएं। माता-पिता अभिभावक भी बच्चे के व्यवहार पर नजर रखें। अगर लगे कि बच्चे के मन में जरा भी नकारात्मकता का भाव दिख रहा है तो उसे अकेला बिल्कुल न छोड़े। उससे निराशाजनक बातें न करके उसके साथ मित्र जैसा व्यवहार करें और आगे मेहनत करने के लिए उसका हौसला बढ़ाएं।
- डा. अरुण कुमार राय, मनोचिकित्सक।
रिजल्ट को लेकर न घबराएं विद्यार्थी
यूपी बोर्ड के हाईस्कूल और इंटर के रिजल्ट को लेकर विद्यार्थी कतई न घबराएं। परीक्षा में सफल विद्यार्थी के जितने भी अंक आएं, उसे लेकर संतुष्ट रहें और आगे की परीक्षा में और अच्छे अंक लाने के लिए ज्यादा मेहनत करें। 10वीं में तीन विषय और 12वीं में एक विषय में अगर फेल हो जाते है तो बोर्ड द्वारा दोबारा उस विषय में परीक्षा देने का मौका दिया जाएगा। इंटर का रिजल्ट तो एक शुरूआत है। इंटर की परीक्षा के बाद अनेक प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने का मौका मिलता है। उसके लिए तैयारी करें। निराश होने की जरूरत नहीं है। अभिभावक भी अंकों को लेकर बच्चों पर किसी तरह का न दबाव बनाएं और न ही बच्चों के साथ निराशाजनक बातें करें।
-कैप्टन लोकेंद्र सिंह, प्रधानाचार्य आरके इंटर कालेज शामली।
जीवन में मेहनत करें, सफलता मिलेगी
हाईस्कूल और इंटर के रिजल्ट चाहे कुछ भी रहे, विद्यार्थियों को कतई निराश नहीं होना चाहिए। जो भी अंक आए, उनका आंकलन करें और आगे और मेहनत से तैयारी करें। अगर किसी तरह की मन में कोई भी शंका या उलझन हो तो तत्काल अपने माता-पिता, शिक्षकों आदि से शेयर करें। जीवन में निराश न होकर मेहनत करते रहे, सफलता अवश्य मिलेगी। उनके कालेज में छात्राओं की समस्याओं के लिए काउंसलिंग समिति भी बनी हुई है।
- डा. रुचिता ढाका, प्रधानाचार्या श्री जैन कन्या इंटर कालेज शामली।