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डेंगू से पीड़ित भाकियू के प्रदेश सचिव की मौत

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गढीपुख्ता क्षेत्र के गांव हथछोया मृतक भवर सिंह के आवस पर पहुचे लोग - फोटो : SHAMLI
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गढ़ीपुख्ता (शामली)। ऊन तहसील क्षेत्र के गांव हथछौया निवासी भाकियू के प्रदेश सचिव भंवर सिंह तोमर की मौत हो गई। वह 50 वर्ष के थे। दो सप्ताह से डेंगू बुखार से पीड़ित थे। उनका इलाज मेरठ में एक निजी अस्पताल में चल रहा था।
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भंवर सिंह को बुखार होने पर शामली के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां से 27 अक्तूबर को गंभीर हालत देखते हुए डॉक्टर ने उन्हें मेरठ के लिए रेफर कर दिया था। उनकी मौत की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। गांव व क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। भाकियू नेता भंवर सिंह तोमर की मौत की सूचना मिलते ही सांसद कैराना प्रदीप चौधरी, भाकियू राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चौधरी जगपाल गुर्जर, भाकियू जिलाध्यक्ष कपिल खाटियान, भाकियू ऊन ब्लॉक अध्यक्ष अजय पिंडौरा, ग्राम प्रधान देवेंद्र तोमर कैराना विधायक प्रतिनिधि मनोज राणा, रविंद्र राणा आदि क्षेत्रवासी और गणमान्य लोग हथछौया पहुंचे और उनकी अंतिम यात्रा में शामिल हुए।
बहादुर किसान नेता थे भंवर सिंह: नरेश टिकैत
भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत भी भंवर सिंह की अंतिम यात्रा में पहुंचे। उनकी अर्थी पर हरी चादर ओढ़ाकर श्रद्घांजलि दी। इस दौरान उन्होंने कहा कि भंवर सिंह एक बहादुर किसान नेता थे। वह संगठन के लिए लगनशील, कर्मठ व ईमानदार व्यक्ति थे। संगठन के लिए दिन रात मेहनत करते थे। उनके निधन से जो स्थान खाली हुआ है, उसके पूर्ति कर पाना मुश्किल है। हम सब इस दुख की घड़ी में परिवार वालों के साथ हैं।
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स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड में डेंगू से कोई मौत नहीं दर्ज
शामली। जिले में डेंगू और वायरल बुखार का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। कई लोगों की मौत भी हो चुकी है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड में अभी तक एक भी मौत दर्ज नहीं की गई है। जबकि निजी अस्पतालों और लैब की जांच में डेंगू के मरीज मिल रहे हैं। कैराना क्षेत्र के खुरगान गांव में दो दिन , झिंझाना, गढ़ीपुख्ता व बाबरी क्षेत्र में डेंगू और वायरल बुखार से बड़ी संख्या में लोग पीड़ित हैं। स्वास्थ्य विभाग डेंगू के सामने नतमस्तक नजर आ रहा है। डेंगू और वायरल के मरीजों का उपचार दूसरे जिलों या फिर निजी अस्पतालों में चल रहा है। डेंगू को लेकर लोग दहशत में हैं।
जांच में 159 मरीज मिले, 102 की रिपोर्ट आना बाकी
स्वास्थ्य विभाग की जांच में 159 मरीज अभी तक मिले हैं। यह जिले में रिकॉर्ड है। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. विनय कुमार ने बताया कि इतनी बड़ी संख्या में अभी तक डेंगू के मरीज नहीं मिले थे। इसके अलावा 102 मरीजों की जांच रिपोर्ट आना अभी बाकी है।
गांव में चलाया जा रहा अभियान
सीडीओ शंभू नाथ तिवारी ने बताया कि गांवों में बड़े स्तर पर सफाई अभियान चलाया जा रहा है। एंटी लार्वा का छिड़काव और फॉगिंग कराई जा रही है। इसके लिए सभी ग्राम प्रधानों को दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
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