नए सदस्यों के सत्यापन के बाद ही सट्टे संचालित किए जाएंगे
शामली। सहकारी गन्ना एवं चीनी मिल समितियों में पेराई सत्र 2019-20 के तहत बनाए गए कुल नए सदस्यों के 10 प्रतिशत सदस्यों का सत्यापन विभागीय अधिकारियों द्वारा निरीक्षण किए जाने के निर्देश से हड़कंप मच गया है।
सत्यापन अभियान के दौरान गत पेराई सत्र में नए बने गन्ना कृषक सदस्यों के 10 प्रतिशत सदस्यों का सत्यापन कराया गया। जिसके बाद सहारनपुर, मेरठ, मुरादाबाद, लखनऊ एवं अयोध्या परिक्षेत्रों से प्राप्त सत्यापन रिपोर्ट में गन्ना एवं चीनी मिल समितियों की सदस्यता प्रदान करने में अनियमितताएं प्रकाश में आई हैं, जिन परिक्षेत्रों में सत्यापन के दौरान अचानक निरीक्षण नहीं किया गया, वहां अनियमितताएं नहीं मिली हैं, नए बने सदस्यों का सत्यापन भी गुणवत्तापूर्ण एवं प्रमाणिक तरीके से नहीं हो पाया है। शासन ने पेराई सत्र 2019-20 के दौरान समस्त गन्ना परिक्षेत्रों में गन्ना एवं चीनी मिल समितियों के नए बने सभी सदस्यों के अभिलेखों का शत-प्रतिशत सत्यापन कराए जाने के विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि वे राजस्व एवं गन्ना अभिलेखों का 15 दिवस में परीक्षण करने को कहा है। यदि अभिलेख सत्यापन करने में कोई त्रुटि हुई है, तो उसे सुधार लें। किसानों से भी अनुरोध किया गया है कि यदि उनके द्वारा गलत अभिलेख प्रस्तुत कर दिए गए हैं तो सही अभिलेख प्रस्तुत कर त्रुटि सुधार करा लें, अन्यथा 15 दिन के बाद वृहद सत्यापन के दौरान यदि कोई त्रुटि पाई गई तो जिन कृषकों द्वारा फर्जी राजस्व अभिलेख एवं घोषणा-पत्र देकर अधिक गन्ना क्षेत्रफल आदि दर्शाकर अनुचित लाभ लिया गया है, उन कृषकों को उत्तर दायी मानकर प्रदेश सहकारी समिति अधिनियम- 1965 की धारा- 27 के प्रावधानों के तहत उनकी सदस्यता समाप्त कर दी जाएगी। डीसीओ विजय बहादुर सिंह ने बताया कि जिले में वर्ष 4242 गन्ने के नए सदस्य बनाए गए हैं। वर्तमान पेराई सत्र 2020-21 के दौरान बनाए जा रहे सदस्यों का भी शत-प्रतिशत सत्यापन हो जाने के बाद उनके सट्टे संचालित किए जाएंगे।