इंस्टाग्राम पर जैसे ही यह संदेश दिखा, मेटा के सर्वर ने इसे खतरे के संकेत के रूप में पहचान लिया। चंद सेकंड के भीतर यह अलर्ट डीजीपी मुख्यालय से होता हुआ शामली पुलिस तक पहुंच गया।
मुझे माफ करना...मैं अब जा रहा हूं। इंस्टाग्राम पर जैसे ही यह संदेश दिखा, मेटा के सर्वर ने इसे खतरे के संकेत के रूप में पहचान लिया। चंद सेकंड के भीतर यह अलर्ट डीजीपी मुख्यालय से होता हुआ शामली पुलिस तक पहुंच गया। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दो लोगों की जान बचा ली।
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कैराना में फंदे लगा चुके नौकरीपेशा युवक को जहां महज सात मिनट में बचा लिया गया। वहीं थानाभवन में गमछे से फंदा लगाने का प्रयास कर रहे बीएससी के छात्र को भी दस मिनट के भीतर सुरक्षित बचा लिया गया। कैराना पुलिस अधीक्षक नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि 13 अक्तूबर की रात करीब 11 कैराना क्षेत्र की एक निजी कंपनी में काम करने वाले युवक ने घरेलू कलह के चलते इंस्टाग्राम पर वीडियो स्टेटस साझा किया और फंदा लगा लिया। कोतवाली की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और युवक को बचा लिया।
दूसरी घटना शामली के थानाभवन क्षेत्र में हुई। यहां बीएससी के एक छात्र का अपनी गर्लफ्रेंड से किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। छात्र ने इंस्टाग्राम पर वीडियो साझा कर आत्महत्या करने की बात कही। मेटा की ओर से अलर्ट मिलने पर पुलिस टीम ने उसे फंदा लगाने से रोक लिया।