शामली। जिला अस्पताल में गर्भवती महिला की प्रसव के दौरान स्टाफ नर्स पर अभद्र व्यवहार, पिटाई करने और 2700 रुपये वसूलने के गंभीर आरोप हैं। पीड़िता के पति ने जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक से शिकायत की। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने स्टाफ नर्स को प्रसूति वार्ड से हटाकर इमरजेंसी में भेज दिया और प्रकरण की जांच के लिए चार चिकित्सकों की समिति गठित की है। कांधला क्षेत्र के गांव हुरमजपुर निवासी रोहित कुमार ने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मनोज अखौरी से की शिकायत में बताया कि उसकी पत्नी दीपा को प्रसव पीड़ा होने पर वह एक अगस्त को कांधला सीएचसी ले गए थे। कांधला सीएचसी से उसकी पत्नी को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। उसी दिन सुबह दस बजे जिला अस्पताल पहुंचे। रोहित का आरोप है कि प्रसव पीड़ा होने के बाद भी स्टाफ नर्स द्वारा सही तरीके से देखभाल नहीं की गई। स्टाफ नर्स बबीता ने उनसे डिलीवरी के लिए सामान खरीदने के नाम पर पैसों की मांग की। उन्होंने पैसे नहीं दिए तो पत्नी के साथ अभद्र व्यवहार किया। उसके थप्पड़ मारे और बाल तक नोच डाले।
उसकी मां को धक्का देकर बाहर निकाल दिया। रोहित का आरोप है कि उन्हें डरा धमकाकर स्टाफ नर्स ने उनसे 2700 रुपये वसूल लिए। इसके बाद रात में करीब 12 बजे सामान्य प्रसव के बाद बेटा हुआ। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने बताया कि शिकायत मिलने पर स्टाफ नर्स को प्रसूति विभाग से हटाकर इमरजेंसी में भेजा गया है। जांच के लिए डॉ. रामनिवास, डॉ. राकेश अनुरागी, डॉ. नरेश सैनी और डॉ. उपासना की समिति गठित की है। जांच रिपोर्ट के आधार पर मामले में कार्रवाई की जाएगी। उधर, स्टाफ नर्स बबीता का कहना है कि महिला व उसके परिजनों द्वारा लगाए गए सभी आरोप निराधार है। उन्होंने न तो किसी से पैसे लिए और न ही महिला के साथ अभद्रता व पिटाई की। परिजन किसी के बहकावे में आकर उन पर गलत आरोप लगा रहे हैं।
पांच माह पहले भी लापरवाही से अस्पताल गेट पर खुले में हुआ था प्रसव
शामली। पांच माह पहले 9 अप्रैल को भी जिला अस्पताल की लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया है। जिला बागपत के गांव असारा निवासी उस्मान ने आरोप लगाया था कि उसकी पत्नी कौशर को कांधला सीएचसी से जिला अस्पताल रेफर किया था। स्टाफ नर्स ने गर्भवती महिला को भर्ती करने से मना कर दिया था। वे अस्पताल के गेट पर पहुंचे ही थे कि महिला को प्रसव हो गया था। महिलाओं ने चादर डालकर खुले में प्रसव कराया। इसके बाद चिकित्सक व कर्मचारी मौके पर पहुंचे और बाद में महिला को अस्पताल में भर्ती कराया था। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल होने पर चर्चाओं में रहा था।