आंदोलन की बुराई करने वाले किसान कहलाने लायक नहीं
नरेश टिकैत ने कहा कि सभी किसानों के सहयोग से दिल्ली के बॉर्डरों पर आंदोलन चल रहा है। 26 अगस्त को नौ माह पूरे हो जाएंगे। किसानों की यह आखिरी लड़ाई है। फिर आंदोलन नहीं होंगे। जो इस आंदोलन की बुराई करेगा, वह किसान कहलाने के लायक नहीं है। समाज को बचाने की जिम्मेदारी हर व्यक्ति की है। खेती के बाद खाली समय समाजसेवा में लगाओ। युवा पीढ़ी खेती से दूर हो रही है, इसे समझाओ।
विधायक ने समाज को बांटने का काम किया
नरेश टिकैत ने कहा कि विधायक उमेश मलिक ने हमेशा समाज के विपरीत चलने का काम किया। समाज को बांटने का काम किया। उन्हें समझाया भी, लेकिन वह नहीं माने। उस दिन भी उन्हें किसी ने कुछ नहीं कहा। उनकी गाड़ी पर कालिख पोती, वो हम धो देंगे, अपनी गाड़ी धोते हैं, उनकी भी धो देंगे। शीशा टूट गया, उसका बिल दे देंगे। समाज को बांटों मत। संजीव बालियान भैंसवाल गए। सभी लोगों ने कहा कि विरोध हो रहा था, वहां जाकर गलत किया।
नाई की मिलाई तो नाई ही करेगा
नरेश टिकैत ने कहा कि राजेंद्र चौधरी को हमने कुछ नहीं कहा। वह पता नहीं क्यों नाराज हैं। उन्हें तो हम कह सकते हैं, वह बराबर के हैं। नाई की मिलाई नाई ही करेगा। विधायक से माफी क्यों मांगे, हमने किसी को कुछ गलत नहीं कहा। किसी के गांव में घुसने का विरोध नहीं किया। हमने समझाया कि दिल्ली में धरना चल रहा है। भाजपा का विरोध चल रहा है, कहीं जाने से परहेज रखना।