फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Shamli: बिजली के खंभे में उतरा करंट, बेजुबान की मौत, 12 घंटे तक शव को नोचते रहे कुत्ते; नहीं आए जिम्मेदार

Tue, 21 Jul 2026 05:33 PM IST
Mohd Mustakim अमर उजाला नेटवर्क, शामली

सार

बाबरी कस्बे में खंभे में करंट आने से गोवंश की मौत हो गई। सूचना के बाद भी बिजली या पशुपालन विभाग से कोई कर्मचारी नहीं आया। इस दौरान कुत्ते शव को नोचते रहे। विद्युत विभाग ने लोहे का खंभा हटाकर सीमेंट का लगाने की बात कही है। 
विज्ञापन
मंगलवार सुबह ग्रामीणों ने ही शव उठवाकर अंतिम संस्कार किया। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

शामली के बाबरी कस्बे में विश्व धारणी भारत गैस एजेंसी के पास लगे बिजली के खंभे में उतरे करंट की चपेट में आने से सोमवार रात करीब आठ बजे एक गोवंश की मौत हो गई। पूरी रात उसका शव सड़क किनारे पड़ा रहा और आवारा कुत्ते करीब 12 घंटे तक उसे नोचते रहे। ग्रामीणों का आरोप है कि इस दौरान न ऊर्जा निगम का कोई कर्मचारी मौके पर पहुंचा और न ही पशुपालन विभाग ने कोई सुध ली। मंगलवार सुबह ग्राम पंचायत ने शव उठवाकर हिंदू रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार कराया।
विज्ञापन

 

गैस एजेंसी के पास रहने वाले राजू, रजनीश और ब्रह्मदास ने बताया कि करीब एक सप्ताह पहले इसी लोहे के खंभे में करंट उतरने से आवारा कुत्ते की मौत हो गई थी। उस समय बिजली विभाग को सूचना देकर खंभे को दुरुस्त कराने की मांग की गई थी, लेकिन समस्या का समाधान नहीं कराया गया। उनका कहना है कि समय रहते कार्रवाई हो जाती तो सोमवार का हादसा टल सकता था।
 

सूचना पर डायल-112 पुलिस, बजरंग दल के जिला सुरक्षा प्रमुख आकाश शर्मा, राहुल पाल, वंश, अजय, आर्यन और शिवम सैनी समेत अन्य कार्यकर्ता पहुंचे। उन्होंने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई और क्षेत्र के सभी बिजली खंभों की जांच कराने की मांग की। कार्यकर्ताओं ने ग्राम प्रधान के प्रति भी नाराजगी जताई, जिसके बाद ग्राम पंचायत की ओर से ट्रैक्टर-ट्रॉली और कर्मचारियों को भेजकर गोवंश का अंतिम संस्कार कराया गया।
 

उधर, बिजली विभाग के अवर अभियंता श्रीनिवास ने बताया कि पहले ऐसी कोई शिकायत उनके संज्ञान में नहीं आई थी। एक-दो दिन में लोहे के खंभे को हटाकर उसकी जगह सीमेंट का खंभा लगा दिया जाएगा। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. चंद्रभानू कश्यप ने भी मामले की जानकारी से इनकार किया।
 
विज्ञापन

जिम्मेदारों की संवेदनहीनता पर उठे सवाल
गोवंश की मौत के बाद पूरी रात शव सड़क किनारे पड़ा रहा और आवारा कुत्ते उसे नोचते रहे। ग्रामीणों का आरोप है कि इस दौरान न ऊर्जा निगम और न ही पशुपालन विभाग का कोई अधिकारी मौके पर पहुंचा। घटना के बाद दोनों विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। उधर, जिलाधिकारी आलोक यादव ने मामले की जांच कराने की बात कहीं है।

ये भी देखें...
Shamli News: डंपर ने बाइक को मारी टक्कर, मां-बेटे की मौके पर मौत, पति और दो बच्चे घायल

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें