झिंझाना। बिड़ौली निवासी शकुंतला हत्या प्रकरण की गुत्थी पुलिस एक माह से ज्यादा समय बीतने पर भी सुलझा नहीं पाई है। पीड़ित परिजन दहशत में जी रहे हैं।
बिड़ौली हरिनगर निवासी करीब 50 वर्षीय महिला शकुंतला 20 अगस्त को अपने खेत में सब्जी तोड़ने गई थी। जब वह देर शाम तक भी वापस नहीं लौटी तो परिजनों ने उन्हें काफी तलाश किया। 21 अगस्त की सुबह फिर तलाश शुरू की तो पड़ोसी आत्मराम के गन्ने के खेत से शकुंतला का शव मिला। पति करेशन की ओर से दर्ज इस मुकदमे में अपने भाई की पत्नी रेखा को शक के आधार पर नामजद किया था। पुलिस ने आरोपियों की तलाश में कई टीमें बनाई थी। एक माह से ज्यादा समय बीतने पर भी हत्यारों तक नहीं पहुंच पाई है। जबकि पुलिस रेखा व उसके रिश्तेदारों के अलावा मृतक पक्ष व उनके रिश्तेदारों से भी कई दिनों तक पूछताछ कर चुकी है, लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी। शकुंतला के परिजनों का कहना है कि पुलिस की ढ़िलाई से हमारी जान को भी खतरा हो सकता है।
एडिशनल एसपी ओपी सिंह का कहना है कि बिना सबूत मिले किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती। इस मामले में भी थाना प्रभारी निरीक्षक को कुछ आदेश दे गए हैं। उम्मीद है जल्द ही इस हत्या के आरोपी सलाखों के पीछे होंगे।