संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। अगर बाजार में खाद्य पदार्थों की खरीदारी कर रहे हों तो जांच पड़ताल के बाद ही खरीदें। बाजार में मिलावटखोर मुनाफे के लालच में खाद्य पदार्थों में मिलावट कर रहे हैं। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की तरफ से मिलावट रोकने के लिए खाद्य पदार्थों के नमूने लिए जाने की कार्रवाई की जाती है, लेकिन मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक नहीं लग पा रही है।
जिले के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा पिछले साल एक अप्रैल 2024 से 31 मार्च 2025 तक विभिन्न स्थानों पर छापा मारकर दूध, खोया, तेल, रिफाइंड, मसाले व मिठाइयों समेत विभिन्न खाद्य पदार्थों के 218 नमूने लिए थे। इनमें घी के आठ नमूने लिए गए थे, जिनकी अभी रिपोर्ट नहीं आई है। बाकी नमूनों की आई जांच रिपोर्ट में 50 नमूने अधोमानक यानि मिलावटी पाए गए जबकि 16 नमूने असुरक्षित या फेल पाए गए। इसके अलावा खाद्य पदार्थों के नमूने अधोमानक या फेल पाए जाने के न्यायालयों में दायर किए गए वाद में एक लाख 75 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है।
n मिलावटी खाद्य पदार्थों से स्वास्थ्य को खतरा : जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. किशोर कुमार आहूजा ने बताया कि मिलावटी खाद्य पदार्थ का सेवन करना स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक हैं। खाद्य पदार्थों में मिलावट के लिए केमिकल इस्तेमाल किए जाते हैं, वे स्वास्थ्य के लिए काफी नुकसानदायक हैं। मिलावटी खाद्य पदार्थों के सेवन से उल्टी, दस्त, लीवर, किडनी और पेट संबंधी बीमारियां होने की आशंका बनी रहती हैं।